उत्तराखंडदेहरादून

घने जंगल में गुम हुए 24 किशोर-किशोरियां, कई घंटे चली तलाश के बाद सभी सुरक्षित

ख़बर शेयर करें

ऋषिकेश। रविवार शाम नीलकंठ महादेव दर्शन कर लौट रहे 24 किशोर-किशोरियां घने जंगल में रास्ता भटक गए। जैसे ही यह सूचना फैली, पूरे ऋषिकेश क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

ये सभी बच्चे नीलकंठ दर्शन के बाद राजा जी नेशनल पार्क के रास्ते पैदल घर लौट रहे थे, तभी घने जंगल में रास्ता भटक गए। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ बच्चे चार-पांच साल के भी थे। सभी बच्चे कृष्णा नगर, वीरभद्र और बापूग्राम क्षेत्रों के निवासी हैं।

यह भी पढ़ें 👉  लोहाघाट में गुलदार का आतंक: दो दिन से लापता ग्रामीण का जंगल में मिला शव

लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी संतोष पैथवाल ने बताया कि बच्चों की लोकेशन ट्रेस की गई और तत्काल एसडीआरएफ एवं पुलिस टीमों को अलर्ट पर रखा गया। बारिश, अंधेरा और जंगल की विकट परिस्थितियों के बावजूद पुलिस और वन विभाग की टीमें घंटों पैदल चलकर बच्चों तक पहुंचीं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: खेल और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में खिलाड़ियों को दी प्रेरणा

भारी बारिश, बिना लाइट का जंगल और हाथी, भालू, तेंदुए जैसे जंगली जानवरों के खतरे के बीच बच्चों को सुरक्षित बाहर लाना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन वन विभाग और पुलिस की तत्परता से सभी बच्चों को सकुशल बाहर निकाल कर परिजनों को सौंप दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  डिजिटल अरेस्ट स्कैम का भंडाफोड़: 87 लाख की ठगी में एसटीएफ ने बेंगलुरु से मुख्य आरोपी दबोचा

बच्चों के लौटने पर बैराज पर गूंजे ‘जिंदाबाद’ के नारे, लोगों ने पुलिस और वनकर्मियों की दिल से सराहना की।