रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने खनन रॉयल्टी पर जीएसटी (GST) वसूली के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए फिलहाल इस पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने एक स्टोन क्रशर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान की है।
मामले की मुख्य बातें:
- वसूली पर रोक: न्यायालय ने विवादित आदेश के तहत की जा रही जीएसटी वसूली पर अगली सुनवाई तक स्थगन (Stay) लगा दिया है।
- सरकार से जवाब तलब: कोर्ट ने प्रतिवादियों को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
- आर्थिक क्षति का तर्क: याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं, फैजुल हक़ और संजीव कुमार अग्रवाल ने दलील दी कि रॉयल्टी पर जीएसटी लगाना कानून सम्मत नहीं है और इससे कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, खनन से जुड़ी रॉयल्टी पर जीएसटी लगाए जाने के सरकारी आदेश को स्टोन क्रशर संचालकों द्वारा चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह प्रक्रिया विधि-विरुद्ध है। उच्च न्यायालय के इस ताजा आदेश के बाद अब अंतिम निर्णय आने तक विभाग याचिकाकर्ताओं से जीएसटी की वसूली नहीं कर पाएगा।
