ड्यूटी की थकान भूल थिरकीं महिला पुलिसकर्मी, पारंपरिक गीतों और डांस ने बांधा समां
रुद्रपुर (मुख्य संवाददाता)।फागुन की मस्ती और रंगों के उल्लास ने जब खाकी के अनुशासन संग मेल खाया, तो नजारा देखते ही बना। मौका था 31वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर में आयोजित ‘बैठकी होली’ के भव्य कार्यक्रम का। सेनानायक देवेंद्र पिंचा के विशेष निर्देशों पर आयोजित इस उत्सव ने पीएसी ग्राउंड को खुशियों के सतरंगी रंगों से सराबोर कर दिया।
सांस्कृतिक विरासत और उल्लास का संगम
कुमाऊं की समृद्ध ‘बैठकी होली’ की परंपरा को जीवंत करते हुए इस आयोजन में 31वीं और 46वीं वाहिनी पीएसी के अधिकारियों की पत्नियों, महिला पुलिसकर्मियों और पुलिस परिवारों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर शिरकत की। आमतौर पर सुरक्षा और अनुशासन के सख्त घेरे में रहने वाला परिसर आज खिलखिलाहटों और होली के गीतों से गूंज उठा।
फिल्मी तानों पर थिरके कदम, गुलाल से महका परिसर
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला पुलिसकर्मियों द्वारा दी गई शानदार डांस प्रस्तुतियां रहीं। जैसे ही फिल्मी होली गीतों की धुन बजी, वर्दी का तनाव पीछे छूट गया और महिला कर्मियों ने जमकर नृत्य किया। एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई देने का सिलसिला ऐसा चला कि हर चेहरा रंगों में सराबोर नजर आया।
“ड्यूटी की व्यस्त दिनचर्या और भागदौड़ के बीच ऐसे पल संजीवनी की तरह हैं। अपनों के साथ होली खेलकर मन को असीम ताजगी और खुशी मिली है।” > — प्रतिभागी महिला पुलिसकर्मी
एकजुटता का दिखा अनूठा नजारा
इस आयोजन ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि पुलिस परिवारों के बीच आपसी मेलजोल को भी बढ़ावा दिया। घरेलू महिलाओं और कामकाजी महिला पुलिसकर्मियों ने एक साथ मिलकर गुलाल उड़ाया और पकवानों का आनंद लिया। अधिकारियों के परिवारों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम में गरिमा और अपनत्व का भाव भर दिया।
निश्चित रूप से, रुद्रपुर पीएसी ग्राउंड में सजी यह महफिल इस बात का प्रमाण रही कि त्योहारों के रंग हर दीवार को लांघकर दिलों को जोड़ने की ताकत रखते हैं।
