मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गृह मंत्री ने धामी सरकार के ‘4 साल बेमिसाल’ पर लगाई मुहर; हरिद्वार के बैरागी कैंप में उमड़ा जनसैलाब
हरिद्वार/देहरादून।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे के दौरान राज्य के विकास को नई ऊंचाई देते हुए ₹1129.91 करोड़ की 39 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। हरिद्वार के ऐतिहासिक बैरागी कैंप मैदान में आयोजित ‘4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए शाह ने न केवल सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, बल्कि सीएए (CAA) के तहत शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपकर एक बड़ा मानवीय और राजनीतिक संदेश भी दिया।
जॉलीग्रांट में गर्मजोशी से स्वागत
शनिवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री का विशेष विमान देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा, जहाँ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। हवाई अड्डे पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच शाह का काफिला हेलीकॉप्टर से सीधे हरिद्वार के लिए रवाना हुआ। एयरपोर्ट से लेकर सभा स्थल तक पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया।
CAA के लाभार्थियों को मिला ‘भारत का साथ’
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब गृह मंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत तीन पाकिस्तानी और एक अफगानिस्तानी शरणार्थी को भारतीय नागरिकता के आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपे। प्रमाणपत्र मिलते ही लाभार्थियों की आँखें भर आईं। मंच से शाह ने स्पष्ट किया कि “उत्पीड़न झेलकर भारत आए अपनों को उनका अधिकार देना ही प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है।”
हरिद्वार की सभा किसी राजनीतिक रैली से अधिक ‘सांस्कृतिक महाकुंभ’ जैसी नजर आई। बैरागी कैंप मैदान में बिछी हजारों कुर्सियां कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही भर चुकी थीं। सभा में प्रदेश के कोने-कोने से आए भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में साधु-संतों की उपस्थिति ने माहौल को और भी गरिमामयी बना दिया।
“उत्तराखंड की यह धरती तप और पुरुषार्थ की धरती है। धामी सरकार के 4 वर्षों का कार्यकाल पारदर्शी शासन और अंत्योदय को समर्पित रहा है। 1100 करोड़ से अधिक की ये योजनाएं राज्य की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली साबित होंगी।”
अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने संयुक्त रूप से रिमोट दबाकर कुल 39 परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इन योजनाओं में मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, और पर्यटन से जुड़े कार्य शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन निवेशों से स्थानीय रोजगार और पर्यटन क्षेत्र को भारी मजबूती मिलेगी।