उत्तरकाशी। जनपद के विकासखंड डूंडा में 51वें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामोत्थान के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, संस्कृति और अदम्य साहस का परिचय दिया।
सांस्कृतिक छटा और पारंपरिक उल्लास
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया गया। इंदर थापा के कुशल संयोजन और संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की ऐसी झड़ी लगी कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महिलाओं ने न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, बल्कि खेल प्रतियोगिताओं में भी अपने दमखम का लोहा मनवाया।
सशक्तिकरण पर जोर: ‘विकास की धुरी है महिला’
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद ब्लॉक प्रमुख एवं खंड विकास अधिकारी (BDO) दिनेश चंद्र जोशी का आयोजकों ने गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा:
”समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना अनिवार्य है। आज महिलाएं घर की दहलीज लांघकर हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता ही उनके सशक्तिकरण की असली कुंजी है।”
प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली और खेल प्रतियोगिताओं में अव्वल रहने वाली महिलाओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए तैयार करना है।
आत्मनिर्भरता का संकल्प:
बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्र की महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और संकल्प लिया कि वे सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक बाधाओं को तोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएंगी। अंत में आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।
