मार्चुला में मौत का ‘डेथ वारंट’: रामगंगा की लहरों से निकला काल, पर्यटकों के सामने ही काकड़ को निगल गया मगरमच्छ

अल्मोड़ा | डिजिटल डेस्क:देवभूमि के शांत नजारों के बीच कुदरत का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसे देख प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप गई। मार्चुला स्थित रामगंगा नदी के ‘क्रोकोडाइल प्वाइंट’ पर प्यास बुझाने आए एक बेबस काकड़ (बार्किंग डियर) को घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। महज 51 सेकंड के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है और वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

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सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ हुआ कुदरत का खौफ

​इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कुदरत का निर्दयी संतुलन साफ देखा जा सकता है। वीडियो की शुरुआत में तीन काकड़ सावधानी से नदी किनारे पानी पीने पहुँचते हैं। जैसे ही वे प्यास बुझाकर वापस लौटने लगते हैं, तभी पानी की शांत सतह पर घात लगाए बैठे एक विशालकाय मगरमच्छ ने बिजली की रफ्तार से हमला कर दिया।

चश्मदीदों का बयान: “सब कुछ इतना अचानक हुआ कि काकड़ को संभलने का मौका ही नहीं मिला। काकड़ ने मौत के जबड़ों से छूटने के लिए काफी छटपटाहट दिखाई, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ फौलादी थी। देखते ही देखते वह उसे गहरे पानी में खींच ले गया।”

दहशत में पर्यटक, कैमरों में कैद हुई ‘लाइव मौत’

​यह पूरी घटना वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों के सामने हुई। जहां कुछ लोग इस दुर्लभ नजारे को मोबाइल में कैद कर रहे थे, वहीं कई लोग इस शिकारी हमले को देखकर सहम गए। बाकी दो काकड़ अपनी जान बचाकर जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन एक की किस्मत उसे मौत के मुहाने तक खींच लाई।

वन विभाग का ‘रेड अलर्ट’: नदी किनारे जाना खतरे से खाली नहीं

​इस घटना के बाद वन विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है। रामगंगा क्षेत्र में मगरमच्छों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:

  • सावधानी जरूरी: नदी के किनारे जाने वाले पर्यटक और स्थानीय निवासी विशेष सतर्कता बरतें।
  • सतर्कता ही बचाव: क्रोकोडाइल प्वाइंट और आसपास के क्षेत्रों में पानी के पास जाने से बचें।
  • प्राकृतिक संतुलन: विशेषज्ञों का कहना है कि शिकारी और शिकार का यह संघर्ष ईकोसिस्टम का हिस्सा है, लेकिन मानवीय सुरक्षा सर्वोपरि है।

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