लालच की भेंट चढ़ी ममता: मफलर से गला घोंटकर ताई को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने आरोपी को झनकट से दबोचा
खटीमा (उधम सिंह नगर) | ब्यूरो रिपोर्ट देवभूमि कॉलोनी में बीते बुधवार को हुई 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला जानकी देवी की सनसनीखेज हत्या का खटीमा पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का सगा भतीजा रवि चंद ही निकला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने शनिवार को खटीमा कोतवाली में मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस टीम की पीठ थपथपाई।
वारदात का संक्षिप्त ब्यौरा
- मृतका: जानकी देवी (65 वर्ष), निवासी देवभूमि कॉलोनी (घर में अकेली रहती थीं)।
- आरोपी: रवि चंद (33 वर्ष), निवासी डिग्री कॉलेज रोड, आदर्श कॉलोनी (रिश्ते में भतीजा)।
- वजह: पैसों का लालच।
- गिरफ्तारी: 21 फरवरी को झनकट इलाके से।
हाईटेक जांच और 70 कैमरों ने खोला राज
एसएसपी अजय गणपति ने मीडिया को बताया कि बुधवार रात हुई इस हत्या के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली गई और इलाके के लगभग 60 से 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस का शक मृतका के भतीजे रवि चंद पर गहराया। शनिवार को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को झनकट से गिरफ्तार कर लिया।
मफलर से घोंटा गला, फर्श पर सिर टकराने से हुई मौत
पूछताछ में आरोपी रवि चंद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह पैसों की तंगी से जूझ रहा था और उसे पता था कि उसकी ताई घर में अकेली रहती हैं। बुधवार को वह चोरी के इरादे से घर में घुसा, लेकिन ताई के जाग जाने पर उसने मफलर से उनका गला घोंटने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी के दौरान जानकी देवी का सिर फर्श से जा टकराया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी पर्स से नकदी लेकर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया था।
फौजी बेटे की तहरीर पर जेल भेजने की तैयारी
मृतका का बेटा प्रेम चंद भारतीय सेना में तैनात है। उसकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
टीम की सफलता: इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र शाह, एसएसआई ललित मोहन रावल, उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल समेत कांस्टेबल मोहन बोरा और नवीन खोलिया की मुख्य भूमिका रही।
