रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत हाथीडंगर गांव में शनिवार को प्रभाग दिवस के अवसर पर एक विशेष जन जागरूकता बैठक और अग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। फील्ड डायरेक्टर के निर्देशन और ढेला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वनाग्नि से जंगलों को बचाने पर चर्चा की गई।
जंगल में न जाने की अपील
बैठक में ग्राम सेमलखलिया और हाथीडंगर के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विभागीय अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ गई है। सुरक्षा के मद्देनजर ग्रामीणों से अपील की गई कि वे लकड़ी और चारा-पत्ती एकत्र करने के लिए जंगल के भीतर प्रवेश न करें। अधिकारियों ने जोर दिया कि सावधानी बरतकर ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सकता है।
फायर सीजन पर विशेष सतर्कता
वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी के दौरान ग्रामीणों को वर्तमान फायर सीजन की संवेदनशीलता के बारे में जानकारी दी गई। वन विभाग ने वनों को आग से सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा और आग्रह किया कि कहीं भी आग दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
बैठक में विभागीय स्टाफ के साथ कई महत्वपूर्ण प्रतिनिधि शामिल हुए:
- वन विभाग: भानु प्रकाश हर्बोला (वन क्षेत्राधिकारी ढेला), सिद्धार्थ रावत व नवीन चन्द्र पपनै (वन दरोगा) एवं अन्य कर्मचारी।
- जनप्रतिनिधि: रेनू भण्डारी (ग्राम प्रधान लछमपुर ठेरी), सुच्चा सिंह (ईडीसी अध्यक्ष लालूपुर बासीटीला), जसवन्त सिंह (ईडीसी अध्यक्ष हाथीडंगर), सुखविन्दर सिंह (ईडीसी मनोरथपुर बसीटीला), तारादत्त बेलवाल (ईडीसी अध्यक्ष सावल्दे पूर्व/पश्चिम) और जगतसिंह रावत (ईडीसी अध्यक्ष लछमपुर ठेरी)।
इस दौरान सावल्दे, सेमलखलिया और हाथीडंगर के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे और वन्यजीव संरक्षण व अग्नि सुरक्षा में सहयोग का आश्वासन दिया।
