सल्ट/रामनगर।अल्मोड़ा जनपद के सल्ट (देवायल) क्षेत्र में सोमवार की रात प्रकृति के कोप और मानवीय संघर्ष की गवाह बनी। सल्ट क्षेत्र में अचानक भड़की भीषण आग ने न केवल रिहायशी इलाकों के निकट पहुँच गई, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखे जीवनरक्षक ऑक्सीजन सिलेंडरों तक पहुँचकर एक बड़ी तबाही का संकेत दे दिया था। स्थानीय पुलिस और रामनगर फायर ब्रिगेड के साझा और साहसिक प्रयासों से एक बड़े हादसे को होने से रोक लिया गया।

पुलिस की जांबाजी: जब सूखी घास और तेज हवा बनी चुनौती
घटना की शुरुआत रात करीब 9 बजे हुई, जब सल्ट थाना क्षेत्र के जंगलों से उठी आग तेजी से आबादी की ओर बढ़ने लगी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कश्मीर सिंह बिना समय गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से पारंपरिक तरीकों से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन पहाड़ियों पर चलती तेज हवा और सूखी घास ने आग को और अधिक भड़का दिया।
आग की भयावहता और इसकी दिशा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरिदत्त वैद्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर बढ़ते देख, थाना प्रभारी कश्मीर सिंह ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल रामनगर फायर स्टेशन को सूचित किया और बैकअप की मांग की।

फायर ब्रिगेड का ‘क्विक रिस्पॉन्स’
रामनगर फायर स्टेशन के प्रभारी जी.एस. रावत के निर्देशन में फायर यूनिट ने तत्काल प्रस्थान किया। मौके पर पहुँचते ही स्थिति विस्फोटक थी।फायर यूनिट ने पाया कि आग तेजी से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरिदत्त वैद्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (देवायल) की ओर बढ़ रही थी। सबसे बड़ी चुनौती अस्पताल का ऑक्सीजन सिलेंडर स्टोरेज एरिया था। यदि आग की लपटें सिलेंडरों तक पहुँच जातीं, तो भीषण विस्फोट की संभावना थी, जिससे पूरे अस्पताल परिसर और आस-पास के घरों को भारी नुकसान पहुँच सकता था।

एक छोटी सी चूक भी पूरे परिसर को मलबे में तब्दील कर सकती थी। फायर यूनिट ने पुलिस टीम के साथ समन्वय स्थापित कर पंपिंग शुरू की और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह शांत किया।

इस मिशन के ‘रियल हीरोज’:
सल्ट पुलिस टीम:
- कश्मीर सिंह (थाना प्रभारी)
- लोकेश सिंह (एएसआई)
- आरिफ हुसैन (हेड कॉन्स्टेबल)
- टोनेश त्यागी (हेड कॉन्स्टेबल)
- शर्मा (होमगार्ड)
रामनगर फायर यूनिट:
- वसीम अहमद (चालक)
- पुष्कर सिंह पाल (फायरमैन)
- शम्भु गिरी (फायरमैन)
- अरविन्द कंबोज (फायरमैन)

बचा ली गई करोड़ों की संपत्ति और अनमोल जीवन
इस संयुक्त ऑपरेशन की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि आग पर समय रहते काबू न पाया जाता, तो अस्पताल के साथ-साथ समीप स्थित ऐतिहासिक धरोहर और रिहायशी बस्तियां राख के ढेर में तब्दील हो सकती थीं। उच्चाधिकारियों ने पुलिस और अग्निशमन दल के इस आपसी तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की है।
