
रामनगर।सांवल्दे पश्चिम गांव में टाइगर के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इस घटना को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध जताते हुए कार्बेट प्रशासन और भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बुक्सा जनजाति की महिला सुखिया पत्नी चंदू पर उसके घर के समीप ही टाइगर ने घात लगाकर हमला किया। हमले के बाद टाइगर महिला को जंगल में खींच ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने कार्बेट प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय कार्यालयों में बैठकर चाटुकार जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि कब कोई जंगली जानवर घर के आंगन से बच्चे को उठा ले जाए, यह खतरा हमेशा बना रहता है।
वहीं समिति के सह संयोजक महेश जोशी ने कहा कि ऐसी घटनाएं हर साल बढ़ रही हैं और वन्यजीव संरक्षण के नाम पर स्थानीय लोगों की बलि दी जा रही है। उन्होंने मृतक महिला के परिजनों को तत्काल 25 लाख रुपये मुआवजा देने, हमलावर टाइगर को पकड़ने अथवा उसे मारने तथा जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान लागू करने की मांग की।
समिति ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनता आंदोलन के लिए विवश होगी।
