रामनगर के आसमान में मंडराता रहस्यमयी ड्रोन: क्या यह किसी बड़ी साजिश की आहट है?

रामनगर(उत्तराखंड)।उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध पर्यटन नगरी रामनगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पिछले 48 घंटों से दहशत और कौतूहल का माहौल बना हुआ है। शांतिपूर्ण वादियों वाले इस क्षेत्र में अचानक एक रहस्यमयी ड्रोन (Mysterious Drone) के दिखाई देने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी हो गई हैं। यह महज एक सामान्य उड़ने वाली वस्तु नहीं रह गई है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी संदिग्ध गतिविधि (Suspicious Activity) के रूप में देखी जा रही है।

रात 10 बजे का खौफनाक ‘विजिटर’

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले दो दिनों से ठीक रात 10 बजे के आसपास आसमान में एक चमकदार और विशालकाय आकृति दिखाई दे रही है। यह रहस्यमयी ड्रोन सामान्य फोटोग्राफी वाले ड्रोनों से आकार में काफी बड़ा है और इसकी लाइटें दूर से ही पहचानी जा सकती हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात इसकी निर्धारित उड़ान का समय और तय रास्ता है। बताया जा रहा है कि यह ड्रोन काशीपुर की ओर से मैदानी इलाकों को पार करता हुआ रामनगर के लखनपुर क्षेत्र तक पहुंचता है और फिर कुछ देर मंडराने के बाद वापस उसी दिशा में ओझल हो जाता है।

आम ड्रोन से अलग है इसकी तकनीक और रेंज

शुरुआत में स्थानीय लोगों ने इसे किसी शादी-ब्याह या निजी कार्यक्रम की फोटोग्राफी का हिस्सा समझा, लेकिन जब इसकी बार-बार पुनरावृत्ति हुई, तो संदेह गहरा गया। विशेषज्ञों और स्थानीय जानकारों का मानना है कि यह कोई साधारण खिलौना या प्रोफेशनल कैमरा ड्रोन नहीं है। इसकी उड़ान की ऊंचाई, गति और काशीपुर से रामनगर तक की लंबी दूरी तय करने की क्षमता इसे सुरक्षा चूक (Security Breach) की श्रेणी में खड़ा करती है। आम तौर पर कमर्शियल ड्रोन की रेंज इतनी अधिक नहीं होती कि वे एक शहर से दूसरे शहर तक का सफर बिना सिग्नल खोए तय कर सकें।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए साक्ष्य

जैसे ही यह ड्रोन लखनपुर के ऊपर मंडराता दिखा, कई युवाओं ने अपने मोबाइल फोन में इसकी तस्वीरें और वीडियो कैद कर लिए। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह किसी एजेंसी का हिस्सा नहीं है, तो फिर इतनी रात गए रामनगर जैसे संवेदनशील इलाके (जो कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटा है) में इसकी मौजूदगी का उद्देश्य क्या है? क्या यह किसी रेकी का हिस्सा है या किसी बड़ी अनहोनी का संकेत? इन्ही सवालों ने रामनगर समाचार (Ramnagar News) के गलियारों में हलचल मचा दी है।

प्रशासनिक और पुलिसिया रुख

इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) और स्थानीय प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब उपजिलाधिकारी (SDM) रामनगर, गोपाल सिंह चौहान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन की ओर से ऐसे किसी भी ड्रोन के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है और न ही यह सरकारी निगरानी का हिस्सा है। उन्होंने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

​वहीं, रामनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस के पास इसकी कोई आधिकारिक जानकारी या पूर्व सूचना नहीं थी, लेकिन जनभावनाओं और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस अब इस रहस्यमयी ड्रोन के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस की एक विशेष टीम उन रूटों की मैपिंग कर रही है जहाँ से इस ड्रोन के आने और जाने की सूचना मिली है।

कॉर्बेट सिटी (Corbett City) की सुरक्षा पर सवाल

रामनगर न केवल एक रिहायशी इलाका है, बल्कि यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार भी है। यहाँ कई वीवीआईपी (VVIP) और विदेशी पर्यटकों का आवागमन रहता है। ऐसे में एक अज्ञात ड्रोन का इस तरह निर्बाध रूप से उड़ना पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय जनता अब प्रशासन से जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठाने की मांग कर रही है ताकि दहशत का यह माहौल समाप्त हो सके।

​फिलहाल, पूरा रामनगर प्रशासन की अगली कार्रवाई और पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। क्या यह सिर्फ एक शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस रहस्यमयी ड्रोन ने देवभूमि की रातों की नींद जरूर उड़ा दी है।