विकास का महासंगम: देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, साथ दिखेंगे ‘योगी-धामी’ की जोड़ी!

देहरादून।उत्तराखंड की पावन धरा एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। आगामी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवभूमि के प्रवास पर रहेंगे, जहाँ वे न केवल राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली परियोजनाओं का उपहार देंगे, बल्कि देश के सबसे प्रतीक्षित देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर जनता के सफर को सुगम बनाएंगे। इस दौरे की सबसे विशेष और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। यह ‘त्रिशक्ति’ का संगम विकास और सुशासन के संकल्प को नई ऊर्जा देगा।

गणेशपुर से शुरू होगा स्वागत का सिलसिला

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का हेलीकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर में लैंड करेगा। यहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। इसके उपरांत, प्रधानमंत्री एक्सप्रेसवे के अत्याधुनिक एलिवेटेड रोड से होते हुए देहरादून के महिंद्रा ग्राउंड पहुंचेंगे। यह रूट न केवल सुरक्षा की दृष्टि से बल्कि इंजीनियरिंग के विस्मयकारी नमूने के रूप में भी चुना गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, देहरादून में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद, प्रधानमंत्री पुनः गणेशपुर लौटेंगे, जहाँ वे एक और जनसभा के माध्यम से जनता से रूबरू होंगे।

6.5 घंटे का सफर अब मात्र 2 घंटे में: बुनियादी ढांचे की क्रांति

​केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के विजन और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तैयार यह देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के भाग्य को बदलने वाला है। 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, 212 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून की दूरी को मात्र 2 घंटे में समेट देगा। वर्तमान में इस यात्रा में लगभग 6.5 घंटे का समय लगता है।

​NHAI के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे पर्यावरण और प्रगति का अनूठा संगम है। हालांकि, इस विश्वस्तरीय सुविधा के लिए यात्रियों को करीब 670 रुपए टोल शुल्क देना होगा। फिलहाल, अक्षरधाम से बागपत तक का हिस्सा ट्रायल के तौर पर संचालित है, लेकिन 14 अप्रैल के बाद यह पूरा कॉरिडोर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

विकास की बौछार: चंपावत से पंतनगर तक परियोजनाओं का विस्तार

​प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल एक एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से गहरा आध्यात्मिक और व्यक्तिगत लगाव है। इस दौरे के दौरान टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण होने की संभावना है, जो ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाएगा। इसके साथ ही, पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और चंपावत के बनबसा में भारत-नेपाल सीमा लैंड पोर्ट का शिलान्यास भी प्रस्तावित है। यह लैंड पोर्ट एशियन हाईवे नेटवर्क से जुड़कर न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

उत्तराखंड के ‘अभिभावक’ का आगमन

​मुख्यमंत्री धामी ने भावुक स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। माणा को ‘देश का पहला गांव’ का दर्जा देना हो या केदारनाथ-बद्रीनाथ के पुनर्निर्माण कार्य, मोदी जी के कार्यकाल में ‘हिमवंत’ की आभा वैश्विक हुई है। आपदा के कठिन समय में भी उन्होंने एक अभिभावक की भांति राज्य का हाथ थामा है। 14 अप्रैल का यह दौरा न केवल विकास की परियोजनाओं की सौगात लाएगा, बल्कि 25वें वर्ष की ओर अग्रसर उत्तराखंड के आत्मविश्वास को भी नया आयाम देगा।

​प्रशासन और सरकार इस Vikas Ka Path को भव्य बनाने की तैयारियों में दिन-रात जुटे हुए हैं। Dehradun-Delhi Expressway के उद्घाटन के साथ ही उत्तर भारत में कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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