उत्तराखंड में सत्ता संगठन का विस्तार, मुख्यमंत्री धामी ने सौंपी नई जिम्मेदारियां
देहरादून:उत्तराखंड की राजनीति में सुशासन और संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में दायित्वधारियों की दूसरी सूची जारी कर दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। रविवार को जारी इस सूची में सात और समर्पित चेहरों को महत्वपूर्ण विभागों और आयोगों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि इससे मात्र दो दिन पहले शुक्रवार को ही 14 अन्य नेताओं को विभिन्न पदों से नवाजा गया था। यह नियुक्तियां न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए हैं, बल्कि राज्य में सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन साधने का भी एक बड़ा प्रयास मानी जा रही हैं।
दूसरी सूची के प्रमुख चेहरे और नई नियुक्तियां
सरकार द्वारा जारी नई सूची में समाज के हर वर्ग और क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। इस सूची के अनुसार:
- राव खाले खां को ‘किसान आयोग’ का सदस्य नियुक्त किया गया है, जो कृषि प्रधान क्षेत्रों में सरकार की पकड़ मजबूत करेंगे।
- योगेश रजवार को ‘बाल संरक्षक आयोग’ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
- दीप प्रकाश नेवलिया अब ‘समाज कल्याण अनुश्रवण समिति’ में सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
- मनोज गौतम को ‘अनुसूचित जाति आयोग’ का सदस्य बनाया गया है।
- प्रेमलता को ‘महिला आयोग’ और रूचि गिरी को ‘अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग’ में सदस्य के रूप में स्थान मिला है।
- राजपाल कश्यप को ‘अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद’ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों के माध्यम से धामी सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनसेवा के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और मंच दिया जाएगा।
पहली सूची का प्रभाव और क्षेत्रीय संतुलन
इससे पहले शुक्रवार को जारी की गई सूची में भी उत्तराखंड राजनीति के कई दिग्गज चेहरों को स्थान दिया गया था। देहरादून से कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाकर युवाओं और खिलाड़ियों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा गया। वहीं, नैनीताल के ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाकर संचार तंत्र को मजबूती दी गई है।
सीमांत जिलों का ध्यान रखते हुए चंपावत की हरिप्रिया जोशी को महिला आयोग और मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में जगह दी गई है। टिहरी से विनोद सुयाल, खेमसिंह चौहान और सोना सजवाण को क्रमशः युवा कल्याण, ओबीसी कल्याण और जड़ी-बूटी समिति में शामिल कर पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। अल्मोड़ा के गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद की कमान दी गई है, जो स्थानीय शिल्पकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
निष्कर्ष: मिशन 2027 की ओर बढ़ते कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी ने न केवल कार्यकर्ताओं के असंतोष को दूर किया है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत किला भी तैयार कर लिया है। उत्तराखंड न्यूज़ की सुर्खियों में छाई यह खबर दर्शाती है कि सरकार अब विकास की गति को दोगुना करने के मूड में है। इन अनुभवी चेहरों के शामिल होने से विभिन्न आयोगों और परिषदों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और ऊर्जा आएगी।
कुल मिलाकर, धामी सरकार की यह रणनीति राज्य में सुशासन को धरातल पर उतारने और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने की एक सफल कवायद है। कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो चुका है, और अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये नए दायित्वधारी अपनी नई भूमिकाओं में प्रदेश की प्रगति के लिए क्या नए आयाम स्थापित करते हैं।
