- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए
- लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो
देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट और बागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिन घोषणाओं पर अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि जनता से जुड़े कार्य समय पर पूरे हों और लोगों को योजनाओं का लाभ जल्द मिले।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, विकास कार्यों में आने वाली समस्याओं का समाधान स्थानीय विधायकों के साथ समन्वय बनाकर किया जाए, ताकि योजनाओं की गति प्रभावित न हो।
वन भूमि से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन भूमि स्थानांतरण से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वन भूमि की प्रक्रियाओं में तेजी लाकर विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करना बेहद जरूरी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई सड़कों के रखरखाव को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर नजर आए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति बनाई जाए, जो सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकेगा।

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़कों के पैच वर्क को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल शुरू होने से पहले सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खेल सुविधाओं के विकास पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां 15 दिनों के भीतर बजट जारी किया जाए। इससे निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
क्षेत्रीय विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कपकोट में राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित करने की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिला अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलनी चाहिए, इसके लिए किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
