रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड की जैव विविधता के प्रतीक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय जनमानस की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई और प्रभावी पहल शुरू की गई है। मुख्य वन संरक्षक (HoFF) और फील्ड डायरेक्टर के निर्देशों के क्रम में, सीटीआर की विभिन्न रेंजों में ‘प्रभाग दिवस’ का आयोजन किया गया। शनिवार, 28 मार्च 2026 को आयोजित इस विशेष संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, आगामी वनाग्नि काल (फायर सीजन) के लिए जागरूकता फैलाना और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना रहा।
ढेला रेंज: वनाग्नि सुरक्षा पर संगोष्ठी और जागरूकता
ढेला रेंज के अंतर्गत ईडीसी ग्राम ढेला में फील्ड डायरेक्टर के मार्गदर्शन और वन क्षेत्राधिकारी भानु प्रकाश हर्बोला की अध्यक्षता में जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों से अपील की कि वे अकेले या बिना सुरक्षा के जंगल के भीतर लकड़ी और चारा-पत्ती लेने न जाएं। बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील नैनवाल और ईडीसी अध्यक्ष खीम सिंह बौरा ने ग्रामीणों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चल रहे फायर सीजन में वनों को आग से सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
बिजरानी रेंज: चेनलिंक फेंसिंग की सराहना और जनसंवाद
बिजरानी रेंज के गौजानी चौकी परिसर में आयोजित प्रभाग दिवस में ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे ने प्रभाग दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंच वन विभाग और जनता के बीच की दूरी को कम करने का एक सशक्त माध्यम है। यहाँ चोरपानी, गौजानी और कानियों के ग्रामीणों ने जंगल पर अपनी निर्भरता और घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी की समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विक्रम भट्ट ने बिजरानी रेंज द्वारा चोरपानी और हिम्मतपुर डोटियाल क्षेत्र में की गई ‘चेनलिंक फेंसिंग’ के कार्य की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि इस फेंसिंग के लगने से आबादी क्षेत्र में वन्यजीवों की दस्तक कम हुई है, जिससे फसलों और जान-माल की क्षति के मामलों में भारी गिरावट आई है।
सर्पदुली रेंज: कचरा प्रबंधन और हाईवे पर विशेष निगरानी
सर्पदुली रेंज के अंतर्गत गर्जिया क्रू स्टेशन पर उप प्रभागीय वनाधिकारी बिन्दर पाल के नेतृत्व में जनसुनवाई की गई। ग्राम प्रधान खष्टी देवी और ईडीसी अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जिम्वाल ने स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 309 के समीप कूड़ा निस्तारण, सायरन की आवाज को दुरुस्त करने और होटलों में बजने वाले तेज म्यूजिक (ध्वनि प्रदूषण) जैसी समस्याएं शामिल रहीं।
वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार पाण्डे ने चेतावनी दी कि एनएच-309 पर गुजरने वाले यात्रियों द्वारा फेंकी गई जलती हुई बीड़ी या सिगरेट वनाग्नि का बड़ा कारण बन सकती है। इसके लिए उन्होंने हाईवे से सटे वन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन चौकियों को सूचित करने का आह्वान किया।
जनसहयोग से सुरक्षित होंगे जंगल
इस ‘प्रभाग दिवस’ कार्यक्रम में कुल 231 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभाग की ओर से नवीन चन्द्र पपनै, शोएब अंसारी, अवनीश बिष्ट, मानसी अरोरा और प्रमोद कुमार सत्यवली सहित अन्य कर्मचारियों ने ग्रामीणों को तकनीकी और सुरक्षात्मक जानकारी दी। अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे वनाग्नि की घटनाओं को रोकने और वन्यजीवों के संरक्षण में विभाग का पूर्ण सहयोग करेंगे।
