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दलाल स्ट्रीट पर ‘ब्लैक ट्यूसडे’: $110 के पार पहुंचा कच्चा तेल, निफ्टी 23,000 के नीचे फिसला; निवेशकों में घबराहट।


नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 7 अप्रैल 2026 का दिन भारी बिकवाली और अनिश्चितता भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) में अचानक आए उछाल ने मार्केट सेंटीमेंट (Market Sentiment) को बुरी तरह प्रभावित किया है। आज के कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार में मंदी का रुख बना रहा, जिसके परिणामस्वरूप एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) ने 23,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया है।

बाजार की शुरुआत और GIFT Nifty के संकेत

आज सुबह बाजार खुलने से पहले ही GIFT Nifty ने 22,886 के स्तर पर कारोबार करते हुए एक बेहद कमजोर और नकारात्मक शुरुआत का संकेत दे दिया था। वैश्विक बाजारों से मिले इन कमजोर संकेतों (Weak Global Cues) के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले। शुरुआती एक घंटे के भीतर ही निवेशकों की भारी बिकवाली ने बाजार की कमर तोड़ दी, जिससे निफ्टी 23,000 के नीचे जाकर स्थिर होने की कोशिश कर रहा है।

ईरान-अमेरिका तनाव और क्रूड का संकट

बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर $110 प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) में यह वृद्धि चालू खाता घाटे और महंगाई के लिए एक बड़ा खतरा है। यही कारण है कि बाजार विश्लेषक और निवेशक फिलहाल सावधानी (Cautious Approach) बरत रहे हैं।

सेक्टोरल अपडेट: मेटल और बैंकिंग में दबाव

आज के सत्र में मेटल और बैंकिंग शेयरों (Metal and Banking Stocks) पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। कोल इंडिया और JSW स्टील जैसे दिग्गजों में मुनाफावसूली हावी रही। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर से एक सकारात्मक खबर यह रही कि बोफा (BofA) ने एसबीआई (SBI) को अपग्रेड किया है, जिससे इस शेयर को कुछ हद तक सहारा मिला। दूसरी ओर, कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) के शेयरों में शानदार तेजी देखी गई। कंपनी के चौथे तिमाही (Q4) के उत्साहजनक नतीजों ने निवेशकों को आकर्षित किया, जिससे विपरीत बाजार में भी यह शेयर हरे निशान में टिका रहा।

बाजार का रुख और विश्लेषकों की राय

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार की चाल (Market Trends) अस्थिर बनी रहेगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार हो रही बिकवाली ने घरेलू निवेशकों के विश्वास को हिला दिया है। वर्तमान में बाजार पूरी तरह से सावधानी (Cautious Approach) मोड में है, और आज दिन भर उतार-चढ़ाव (Volatility) बने रहने की पूरी संभावना है।

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