देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ‘विकसित राज्य’ बनने की राह पर तेज़ी से अग्रसर है। बीते चार वर्षों में सरकार ने बुनियादी ढांचे, सुगम यातायात और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में ऐसी छलांग लगाई है, जिसने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।
पंचायतों का कायाकल्प: 819 भवनों को मिला नया जीवन
ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूती देते हुए धामी सरकार ने प्रदेश के पंचायत भवनों के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पंचायतीराज विभाग ने रिकॉर्ड समय में 819 पंचायत भवनों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण पूरा कर लिया है।
- लक्ष्य: लंबे समय से खंडहर हाल में पड़े 1134 भवनों को अत्याधुनिक बनाना।
- प्रगति: शेष बचे भवनों पर भी युद्धस्तर पर कार्य जारी है।
सड़कों का जाल: 7000 किमी मार्ग हुए ‘गड्ढा मुक्त’
उत्तराखंड की सड़कों पर अब सफर और भी सुहाना होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सीएम धामी के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश पर अमल करते हुए नवंबर 2025 तक 7000 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया है।
- मानसून से पहले: 3134 किमी सड़कों की मरम्मत।
- मानसून के बाद: 4149 किमी सड़कों का कायाकल्प।
- खास उपलब्धि: हरिद्वार जनपद में अकेले 313 किमी सड़कों को चकाचक किया गया।
रोपवे से ‘उड़ान’: अब आसान होंगे देवों के दर्शन
दुर्गम पहाड़ियों पर बसे तीर्थ स्थलों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रदेश में रोपवे क्रांति आ रही है। विधानसभा में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने विकास की उड़ान का खाका पेश किया:
- सफलता: कद्दूखाल से सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन शुरू।
- निर्माणाधीन: चम्पावत में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी और उत्तरकाशी में जानकीचट्टी से यमुनोत्री रोपवे का कार्य जारी।
- भविष्य की सौगात: गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं पर काम तेज़।
“हमारी सरकार का ध्येय केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है। पंचायतों से लेकर रोपवे तक, हर परियोजना जन-सरोकारों से जुड़ी है।” > — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

