देहरादून। आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया को सुगम और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड में 10 अप्रैल से मकान स्व गणना (House Self-Enumeration) की वेबसाइट लाइव होने जा रही है। इस डिजिटल पहल के माध्यम से राज्य के नागरिक अब घर बैठे अपनी सुविधा अनुसार मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। भारत सरकार और राज्य जनगणना निदेशालय की इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों के कार्यभार को कम करना और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करना है।
तकनीकी रूप से सुदृढ़ है ‘मकान स्व गणना’ पोर्टल
मकान स्व गणना के लिए आधिकारिक वेबसाइट (https://se.census.gov.in) 10 अप्रैल से नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी। इस पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि डिजिटल जनगणना की इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना सबसे उपयुक्त होगा, विशेषकर जब आपको मानचित्र पर अपने घर की सही भौगोलिक स्थिति को चिह्नित करना हो।
इंटरएक्टिव मैपिंग: अब मानचित्र पर दिखेगा आपका घर
इस नई स्व गणना प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण और अनूठी विशेषता ‘परस्पर क्रियात्मक मानचित्रण’ (इंटरएक्टिव मैपिंग) है। पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान नागरिकों को स्क्रीन पर एक लाल रंग का मार्कर दिखाई देगा। निवासियों को इस मार्कर को ड्रैग (खींचकर) कर अपने घर के सटीक स्थान पर स्थापित करना होगा। यह डिजिटल लोकेशन भविष्य में प्रगणकों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान डेटा सत्यापन में अत्यधिक सहायता प्रदान करेगी।
पंजीकरण में बरतें सावधानी, जनरेट होगी 11 अंकों की ‘एसई आईडी’
प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा गया है। एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के विवरण के लिए किया जा सकता है। एक बार स्व गणना के लिए पोर्टल पर ओटीपी (OTP) सत्यापन हो जाने के बाद, दर्ज की गई भाषा और परिवार के मुखिया के नाम में कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
पूरी प्रश्नावली भरने और डेटा सबमिट करने के बाद, सिस्टम ‘एच’ (H) अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जनरेट करेगा। यह एसई आईडी नागरिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भेजी जाएगी।
प्रगणकों के आने पर ‘एसई आईडी’ होगी मुख्य आधार
जब जनगणना प्रगणक आपके घर पर सत्यापन के लिए आएंगे, तो आपको फिर से लंबी पूछताछ की प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। आपको केवल अपनी प्राप्त एसई आईडी उन्हें दिखानी होगी। यदि आपकी आईडी का मिलान प्रगणक के रिकॉर्ड से हो जाता है, तो परिवार का डेटा सीधे स्वीकार कर लिया जाएगा। हालांकि, यदि डेटा में कोई विसंगति पाई जाती है, तो प्रगणक को पुनः जानकारी एकत्र करने का अधिकार होगा। भवन संख्या और जनगणना मकान संख्या जैसी जटिल तकनीकी जानकारी प्रगणक स्वयं भरेंगे।
अंतिम तिथि से पहले भागीदारी की अपील
निदेशक जनगणना, इवा आशीष श्रीवास्तव ने इस ऐतिहासिक कदम पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”10 अप्रैल से शुरू होने वाली मकान स्व गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल और समय की बचत करने वाली है। जो नागरिक स्व गणना पूर्ण कर लेंगे, उनके लिए जनगणना 2027 का पहला चरण बहुत आसान हो जाएगा। हम उत्तराखंड के समस्त नागरिकों से अपील करते हैं कि वे पहली बार शुरू हो रही इस ऑनलाइन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और डिजिटल इंडिया के इस मिशन को सफल बनाएं।”
महत्वपूर्ण निर्देश:
- पोर्टल 10 अप्रैल से क्रियाशील होगा।
- डेटा सबमिट करने से पहले इसे ‘ड्राफ्ट’ के रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।
- एक बार सबमिट होने के बाद पोर्टल पर किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
