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डिजिटल स्ट्राइक: पेंशन अपडेट के नाम पर 10 लाख की ठगी, उत्तराखंड STF ने पश्चिम बंगाल से दबोचा मास्टरमाइंड

देहरादून: देवभूमि में साइबर अपराधियों के विरुद्ध ‘डिजिटल स्ट्राइक’ जारी

​उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए गठित Special Task Force (STF) ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। राज्य में Cyber Crime की बढ़ती घटनाओं के बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह के कुशल नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई पेंशन अपडेट करने के नाम पर एक रिटायर्ड बैंक कर्मी से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में की गई है। पुलिस ने इस Pension Fraud के मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल के बारानगर इलाके से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

जालसाजी का मायाजाल: कैसे हुई ठगी?

​यह पूरा मामला आधुनिक तकनीक और मानवीय विश्वास के दुरुपयोग का एक क्लासिक उदाहरण है। देहरादून निवासी एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को शातिर अपराधियों ने अपना शिकार बनाया। अपराधियों ने खुद को State Bank of India (SBI) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर पीड़ित का विश्वास जीता। उन्होंने बड़ी चतुराई से ‘पेंशन अपडेट’ करने का झांसा दिया, जो किसी भी रिटायर्ड कर्मचारी के लिए एक संवेदनशील और आवश्यक प्रक्रिया होती है।

​जालसाजों ने पीड़ित को मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित किया और उनसे उनके HRMS Detail साझा करवा लिए। इतना ही नहीं, अपराधियों ने पीड़ित के YONO SBI ऐप में लॉगिन करवाकर सुरक्षा मानकों में सेंध लगाई। पीड़ित को भनक तक नहीं लगी कि जिसे वह बैंक की सहायता समझ रहे थे, वह दरअसल उनकी जीवन भर की जमा पूंजी पर डाका डालने की साजिश थी। अपराधियों ने दो अलग-अलग किश्तों में कुल 10 लाख रुपये अवैध रूप से विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर लिए।

STF की त्वरित कार्रवाई और ‘डिजिटल स्ट्राइक’

​मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना देहरादून में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए STF Uttarakhand की टीम पश्चिम बंगाल तक जा पहुँची। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि इस Online Scam का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 5 लाख रुपये, सीधे आरोपी जीतेन प्रजापति के बैंक खाते में भेजे गए थे।

​एसटीएफ की एक विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के बारानगर में छापेमारी कर आरोपी जीतेन प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिससे स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित Cyber Crime नेटवर्क है जो देश के विभिन्न राज्यों से संचालित हो रहा है।

जागरूकता ही एकमात्र सुरक्षा: Safe Banking के मंत्र

​इस सफल ऑपरेशन के बाद, STF और Dehradun Police ने आम जनता के लिए एक विस्तृत परामर्श जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, बिजली विभाग का कर्मचारी या बीमा एजेंट बनकर फोन करते हैं।

​”किसी भी व्यक्ति को फोन पर अपनी गोपनीय जानकारी जैसे OTP, पासवर्ड या लॉगिन क्रेडेंशियल साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर आपसे आपकी निजी जानकारी नहीं मांगता।”

साइबर सुरक्षा के लिए ध्यान रखने योग्य बातें:

  1. अपरिचित लिंक से बचें: किसी भी अनजान व्हाट्सएप लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें।
  2. YONO SBI और बैंकिंग ऐप्स: अपने बैंकिंग ऐप का एक्सेस किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर न खोलें।
  3. त्वरित रिपोर्टिंग: यदि आप किसी Online Scam का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 Helpline नंबर पर कॉल करें या ‘राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

​उत्तराखंड पुलिस की यह सफलता अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे देश के किसी भी कोने में छिपे हों, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुँचेंगे। लेकिन इस Digital Strike की सार्थकता तभी है जब नागरिक स्वयं सतर्क रहें और Cyber Safety के नियमों का पालन करें। आरोपी जीतेन प्रजापति को अब देहरादून लाया जा रहा है, जहाँ उससे पूछताछ में कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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