हरिद्वार, कनखल:धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने न केवल शिक्षा जगत को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि पवित्र ‘गुरु-शिष्य’ परंपरा को भी कलंकित कर दिया है। यहाँ के एक नामी स्कूल में कार्यरत तीरंदाजी कोच (Archery Coach) पर अपनी ही 14 वर्षीय शिष्या के साथ दुष्कर्म (Rape Case) करने का संगीन आरोप लगा है। इस शर्मनाक हरकत (Shameful Act) के उजागर होने के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भय और धमकियों का साया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता कनखल क्षेत्र के ही एक प्रतिष्ठित विद्यालय की छात्रा है, जहाँ आरोपी कोच छात्र-छात्राओं को तीरंदाजी का प्रशिक्षण देता था। आरोप है कि पिछले साल अक्टूबर के महीने में, जब छात्रा अभ्यास के लिए गई थी, तब आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने छात्रा को जान से मारने की धमकी (Death Threat) दी और उसे मुंह बंद रखने के लिए मजबूर किया। इसी खौफ के चलते मासूम पिछले छह महीनों से इस असहनीय दर्द और मानसिक प्रताड़ना को अपने भीतर दबाए बैठी थी।
हिम्मत की जीत और पुलिसिया कार्रवाई
लंबे समय तक डर के साये में जीने के बाद, आखिरकार पीड़िता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने परिजनों को इस भयावह सच से अवगत कराया। अपनी बेटी की आपबीती सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए, पीड़िता के पिता ने कनखल थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिसके आधार पर कनखल पुलिस (Kankhal Police) ने तत्काल प्रभाव से आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कनखल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि:
”शिकायत मिलते ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी कोच के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। छात्रा का मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) कराया जा चुका है और उसके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभावित पहलू और महिला सुरक्षा (Women Safety) के मानकों की बारीकी से जांच कर रही है।”
जांच के घेरे में अन्य छात्र-छात्राएं
आरोपी कोच मूल रूप से हरियाणा का निवासी बताया जा रहा है। चूँकि मामला एक नामी स्कूल (Reputed School) से जुड़ा है, इसलिए पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने प्रशिक्षण लेने वाली अन्य छात्राओं के साथ भी इस तरह की शर्मनाक हरकत (Shameful Act) की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद होने वाली पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
समाज में बढ़ता आक्रोश
इस घटना ने अभिभावकों की चिंता को बढ़ा दिया है। स्कूल जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह के अपराध का होना सामाजिक सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने न्याय की पुकार (Call for Justice) बुलंद करते हुए आरोपी को फांसी जैसी कठोरतम सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी ‘रक्षक’ भक्षक बनने की जुर्रत न कर सके।
उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपी की संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि आरोपी बहुत जल्द सलाखों के पीछे होगा।
