देहरादून, 03 अप्रैल 2026: देवभूमि की वादियों में स्थित प्रतिष्ठित आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आयोजित हो रहे वार्षिक टेक्नोकल्चरल फेस्ट ‘लम्हे 2026’ का दूसरा दिन न केवल सफल रहा, बल्कि इसने कला और उत्साह के नए प्रतिमान स्थापित किए। विश्वविद्यालय का परिसर आज कला और संस्कृति के प्रति समर्पित युवाओं की ऊर्जा से सराबोर दिखा। पहले दिन की भव्यता को आगे बढ़ाते हुए दूसरे दिन भी उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए हज़ारों छात्रों ने इस सांस्कृतिक महाकुंभ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

रचनात्मकता का प्रदर्शन: एग्जीबिशन एक्स्ट्राऑर्डिनेर
कार्यक्रम के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण ‘एग्जीबिशन एक्स्ट्राऑर्डिनेर’ रहा। इस प्रदर्शनी में छात्रों ने युवा प्रतिभा का परिचय देते हुए अपनी अद्वितीय कलाकृतियों और नवाचारी विचारों को प्रदर्शित किया। यहाँ प्रस्तुत हर कृति छात्रों की गहरी सोच और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण को बयां कर रही थी। इसके साथ ही ‘फोटो स्कैवेंजर हंट’ प्रतियोगिता ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं, जिसमें जिज्ञासा विश्वविद्यालय की रिया मिश्रा ने प्रथम और आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी की निधि ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी तीक्ष्ण दृष्टि और रचनात्मकता का लोहा मनवाया।

अभिनय और थियेटर का जादू
मंच पर जब अभिनय की बात आई, तो प्रतिभागियों ने अपनी भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘मोनोलॉग’ और ‘वन एक्ट प्ले’ प्रतियोगिताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को संजीदगी से उकेरा गया। वन एक्ट प्ले प्रतियोगिता में मेजबान आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी की टीम ने अपने शानदार तालमेल और अभिनय के दम पर खिताबी जीत हासिल की। वहीं, मोनोलॉग में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के रिजुल गोयल ने प्रथम और जिज्ञासा विश्वविद्यालय की रिया मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

सुरों का संगम और सुरम्य वातावरण
संगीत प्रतियोगिता ‘सुरसंगम’ ने पूरे परिसर को सुरीला बना दिया। एकल गायन में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुश गौर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि यूपीएस के आयुष ग्रोवर और ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की लावण्या क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। युगल गायन में आईएमएस नोएडा के राघव और वंश की जोड़ी ने बाजी मारी।
इसके उपरांत, ‘बैटल ऑफ बैंड्स’ प्रतियोगिता में रॉक और फ्यूजन संगीत की ऐसी लहर उठी कि हर कोई झूमने पर मजबूर हो गया। शास्त्रीयता का तड़का तब लगा जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता श्री विशाल कृष्णा जी एवं उनकी टीम ने ‘कथक’ नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। उनके पैरों की थाप और घुंघरुओं की झंकार ने भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।

विविध शैक्षणिक गतिविधियाँ
दिन भर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों—मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स, लॉ, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट तथा मीडिया, कम्युनिकेशन एंड डिजाइन द्वारा कई शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना था। फैशन शो के दौरान उभरती प्रतिभाओं ने रैंप पर उतरकर आधुनिकता और परंपरा का अनूठा मिश्रण पेश किया।

म्यूजिकल नाइट और भव्य समापन
जैसे-जैसे शाम ढली, ‘लम्हे 2026’ का उत्साह अपने चरम पर पहुँच गया। शाम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध डीजे सुमित सेठी की ‘म्यूजिकल नाइट’ रही। सुमित सेठी के धमाकेदार बीट्स और हाई-वोल्टेज संगीत पर छात्रों ने देर रात तक थिरकते हुए दिनभर की थकान को उत्सव में बदल दिया। यह म्यूजिकल नाइट इस टेक्नोकल्चरल फेस्ट के दूसरे दिन के लिए एक यादगार समापन साबित हुई।
कुल मिलाकर, आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘लम्हे 2026’ का दूसरा दिन देहरादून इवेंट्स के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो गया। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि इसने छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न संस्कृतियों से रूबरू होने का एक बेहतरीन मंच भी प्रदान किया।
