नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी नैनीताल में इन दिनों चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं। नैनीताल जिला बार संघ चुनाव (Nainital District Bar Association Election) के तहत होने वाले मतदान से ठीक पहले, शुक्रवार को आयोजित आम सभा में प्रत्याशियों ने वकीलों के हितों को लेकर वादों की बौछार कर दी। कचहरी परिसर स्थित बार सभागार में आयोजित इस गरिमामयी आम सभा में चुनावी रण में उतरे योद्धाओं ने अपने विजन और एजेंडे को अधिवक्ताओं के सामने रखा। इस बार चुनावी समर में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव सहित कुल तीन प्रमुख पदों के बीच सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस उत्सव में आगामी 1 अप्रैल (बुधवार) को मतदान होना सुनिश्चित हुआ है।
घोषणापत्र में छाए बुनियादी मुद्दे और ‘अधिवक्ता मान सम्मान’
शुक्रवार को बार सभागार में आयोजित आम सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न पदों के प्रत्याशियों ने बार और बेंच के रिश्तों को मजबूत करने तथा वकीलों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने का संकल्प लिया। प्रत्याशियों ने सबसे प्रमुख मांग चैम्बर निर्माण (Chamber Construction) और नवोदित (जूनियर) अधिवक्ताओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था करने का पुरजोर वादा किया। वकीलों के आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बोलते हुए प्रत्याशियों ने कहा कि यदि वे चुनकर आते हैं तो अधिवक्ताओं का सामूहिक बीमा और मेडिकल क्लेम जैसी मूलभूत सुविधाएं दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
चुनावी सभा में सबसे गूंजने वाला नारा अधिवक्ता मान सम्मान (Advocate Welfare) का रहा। प्रत्याशियों ने एक सुर में कहा कि वकीलों के आत्मसम्मान और उनकी गरिमा के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर सुख-दुख और विपरीत परिस्थिति में बार के पदाधिकारी अपने साथी अधिवक्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। वकीलों के हितों की रक्षा करना ही उनके नेतृत्व का मूल मंत्र होगा।
’महिला आरक्षण’ का ऐतिहासिक वादा
इस चुनावी सभा में जो सबसे क्रांतिकारी और चर्चा का विषय रहा, वह था भविष्य के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना। अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए प्रत्याशियों ने कहा कि आने वाले समय में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से लेकर सचिव और उपाध्यक्ष तक के शीर्ष पदों पर महिला आरक्षण (Women’s Reservation) लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस वादे ने महिला अधिवक्ताओं के बीच एक नई उम्मीद जगाई है और इसे बार राजनीति में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।
दिग्गज वकीलों ने किया आम सभा को संबोधित
इस चुनावी विमर्श को वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर कंसल, अरुण बिष्ट, नीरज साह, कमल चिलवाल, प्रमोद तिवाड़ी, अनिल बिष्ट, संजय सुयाल और नीरज गोस्वामी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बार की गरिमा को बनाए रखने और एक पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने पर जोर दिया। इस पूरी आम सभा का सफल संचालन वर्तमान सचिव दीपक रूवाली द्वारा किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस चुनावी महामंथन के दौरान नैनीताल के विधिक जगत की तमाम जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। आम सभा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश चंदोला, वर्तमान बार संघ अध्यक्ष भगवत प्रसाद, सचिव दीपक रूवाली, शंकर चौहान, मनीष मोहन जोशी, सुशील शर्मा, पंकज बिष्ट, गिरीश खोलिया, कैलाश जोशी, राजेन्द्र कुमार पाठक, राजेश त्रिपाठी, भरत भट्ट, संजय त्रिपाठी, कैलाश बल्यूटिया, नवीन पंत, बलवंत सिंह थलाल, अनिल हर्नवाल, नीलेश भट्ट, शिवांशु जोशी, रविशंकर आर्या, तरुण चंद्रा, सुभाष जोशी, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, दयाकिशन पोखरिया, राजेन्द्र भैसोड़ा, दीपक दानु, जितेंद्र बंगारी, सुनील कुमार, उमेश कांडपाल, दिग्विजय बिष्ट, चंद्रकांत बहुगुणा, हरीश कुमार, मनीष कांडपाल और गौरव भट्ट उपस्थित रहे।
इसके साथ ही महिला अधिवक्ताओं की ओर से किरन आर्या, सरिता बिष्ट और कामिनी गंगवार आदि ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। अब सभी की निगाहें 1 अप्रैल बुधवार को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं, जो नैनीताल बार के भविष्य की नई इबारत लिखेगी।
