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नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं के सशक्त भविष्य की नई शुरुआत: भावना मेहरा


हल्द्वानी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्त भविष्य का “सूर्योदय” बताते हुए उत्तराखंड राज्य आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और स्वर्णिम अध्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है, जिससे समाज में समानता और समावेशिता को नई मजबूती मिलेगी।

महिलाओं को मिलेगा निर्णय लेने में प्रमुख स्थान
भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भावना मेहरा ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद में पारित हुआ यह अधिनियम महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा। इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, बल्कि देश के विकास में भी अपनी निर्णायक भागीदारी दर्ज कराएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल नए भारत के सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखेगी।

बाबा साहेब के सपनों को मिला बल
मेहरा ने कहा कि यह अधिनियम सामाजिक न्याय और समानता की उस सोच को आगे बढ़ाता है, जिसकी परिकल्पना बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने की थी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है और यह अधिनियम उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रहा है।

सरकारी योजनाओं से बढ़ी महिलाओं की ताकत
उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, सुरक्षित मातृत्व अभियान, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य के स्तर पर मजबूती मिली है।

हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
भावना मेहरा ने कहा कि आज महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। सशस्त्र बलों में भी महिलाएं कमांड स्तर तक अपनी भूमिका निभा रही हैं, जो देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे अभियानों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता का प्रमाण है।

जनजागरूकता के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नारी शक्ति सम्मेलन, स्कूटी रैली, पद यात्रा और दीवार लेखन जैसे आयोजन शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस अधिनियम की जानकारी देना और महिलाओं के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना है। जन समर्थन जुटाने के लिए मिस्ड कॉल नंबर 9667173333 भी जारी किया गया है।

प्रेस वार्ता में ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कंचन उप्रेती (जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा), राशि जैन (जिला महामंत्री), आभा गोस्वामी, कल्पना बोरा (प्रदेश प्रवक्ता, महिला मोर्चा), भूमिका गोयल (प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी), दीप्ति चुफाल (जिला मीडिया प्रभारी, महिला मोर्चा) और अल्का जीना (कुमाऊं सह-संयोजक, महिला मोर्चा) की उपस्थिति रही। सभी कार्यकर्ताओं ने नारी सशक्तिकरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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