देहरादून/रुद्रपुर:उत्तराखंड में अपराधियों के विरुद्ध छिड़ी निर्णायक जंग के बीच, STF Uttarakhand ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तराखंड पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ (Operation Prahar) के तहत कार्रवाई करते हुए, स्पेशल टास्क फोर्स ने चर्चित और सनसनीखेज प्रकाश धामी हत्याकांड (Prakash Dhami Murder Case) के मुख्य शूटर, ₹25,000 के इनामी अपराधी रिंकू शर्मा उर्फ पंडित को रुद्रपुर से धर दबोचा है। लंबे समय से कानून की आँखों में धूल झोंक रहा यह पेशेवर शूटर आखिरकार एसटीएफ के बिछाए गए जाल में फंस ही गया।
दुस्साहस की वो खौफनाक सुबह
आज से करीब साढ़े तीन साल पहले, 12 अक्टूबर 2020 की वह सुबह रुद्रपुर के भदईपुरा वार्ड नंबर-13 के निवासियों के लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं थी। भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश सिंह धामी की उनके आवास के ठीक बाहर दिनदहाड़े निर्मम हत्या कर दी गई थी। सुबह के 9 बजे जब शहर अपनी रफ्तार पकड़ रहा था, तभी एक आई-10 कार में सवार होकर आए बदमाशों ने इस जघन्य कांड को अंजाम दिया।
शूटर रिंकू शर्मा और उसके साथियों ने बेहद शातिर तरीके से धामी को घर से बाहर बुलाया और जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर गोलियों की बौछार कर दी गई। जान बचाने के लिए भागते धामी का हमलावरों ने पीछा किया और तब तक गोलियां दागीं जब तक उनकी सांसें थम नहीं गईं। इस पूरी घटना ने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था को चुनौती दी थी और समूचा क्षेत्र दहशत में डूब गया था।
राजनीतिक प्रतिशोध और 4 लाख की सुपारी
जैसे-जैसे जांच की परतें खुलीं, इस हत्याकांड के पीछे की काली हकीकत सामने आने लगी। Prakash Dhami Murder महज एक अपराध नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम था। पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि धामी के बढ़ते राजनीतिक कद को रोकने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटरों को करीब ₹4 लाख की सुपारी दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 7 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से 6 पहले ही सलाखों के पीछे पहुँच चुके थे, लेकिन मुख्य शूटर रिंकू शर्मा फरार चल रहा था।
ऑपरेशन प्रहार और एसटीएफ की सटीक रणनीति
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के कुशल नेतृत्व में गठित टीम पिछले एक महीने से Rinku Sharma Arrested करने के मिशन पर काम कर रही थी। आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन ‘तकनीकी सर्विलांस’ और ‘मुखबिर तंत्र’ की सटीक जुगलबंदी ने उसकी चालों को विफल कर दिया। बुधवार तड़के जब पुख्ता सूचना मिली कि रिंकू शर्मा रुद्रपुर में ही किसी गुप्त ठिकाने पर मौजूद है, तब एसटीएफ और कोतवाली रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
अपराध का लंबा काला इतिहास
गिरफ्तार शूटर रिंकू शर्मा उर्फ पंडित (32 वर्ष), जो मूल रूप से मुरैना, मध्य प्रदेश का निवासी है, कोई साधारण अपराधी नहीं बल्कि एक पेशेवर किलर है। उसके विरुद्ध मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट जैसे जघन्य अपराधों के लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी से न केवल Prakash Dhami Murder केस में इंसाफ की उम्मीद जगी है, बल्कि अंतरराज्यीय अपराधी गिरोहों की कमर भी टूटी है।
भविष्य की राह: अपराध मुक्त उत्तराखंड
एसटीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि Operation Prahar केवल एक अभियान नहीं बल्कि अपराधियों के लिए एक चेतावनी है। सरकार और पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि देवभूमि में अपराध और अपराधियों के लिए कोई स्थान न रहे। रिंकू शर्मा को फिलहाल कोतवाली रुद्रपुर में दाखिल कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस बड़ी कामयाबी ने न केवल उत्तराखंड पुलिस के इकबाल को बुलंद किया है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव भी सुदृढ़ किया है। एसटीएफ का कहना है कि अन्य फरार इनामी अपराधियों की सूची तैयार है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
