श्रीनगर/पौड़ी गढ़वाल: देवभूमि के शांत वातवरण में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय ब्लैकमेलिंग गैंग का पौड़ी पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। खाने में कॉकरोच मिलने का फर्जी वीडियो बनाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली करने वाले इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को पुलिस ने हरियाणा के झज्जर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध मुक्त उत्तराखंड की दिशा में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या है पूरा ‘कॉकरोच कांड’ और साजिश का तरीका?
मामला 13 फरवरी 2026 को तब प्रकाश में आया जब श्रीनगर निवासी प्रतिष्ठित व्यवसायी एसके जैन ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। आरोपियों ने 24 नवंबर 2025 को श्रीनगर स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और योजनाबद्ध तरीके से खुद ही खाने में कॉकरोच डाल दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसका वीडियो बनाया और रेस्टोरेंट मालिक को बदनाम करने की धमकी देनी शुरू कर दी।
आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए रेस्टोरेंट संचालक को डराया कि वे इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और FSSAI (खाद्य सुरक्षा विभाग) के माध्यम से 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगवाकर लाइसेंस रद्द करवा देंगे। इतना ही नहीं, गिरोह ने डराने के लिए फर्जी नोटिस का भी सहारा लिया, जिससे पीड़ित परिवार मानसिक दबाव में आ गया।
ढाई लाख की मांग और पहली किश्त का भुगतान
लगातार मिल रही धमकियों और रेस्टोरेंट की साख बचाने की चिंता में पीड़ित परिवार टूट गया। आरोपियों ने मामले को रफा-दफा करने के एवज में 2.5 लाख रुपये की अवैध वसूली की मांग की। डर के साये में जी रही रेस्टोरेंट संचालक की पुत्री ने पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये यूपीआई (UPI) के माध्यम से आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपियों की भूख शांत नहीं हुई और वे लगातार शेष धनराशि के लिए दबाव बनाते रहे।
पौड़ी पुलिस का ऑपरेशन ‘क्लीन स्वीप’
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। प्रभारी निरीक्षक कुलदीप नेगी और उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं।
पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन हरियाणा के झज्जर में ट्रेस की। एक सटीक रणनीति के तहत छापेमारी करते हुए मुख्य आरोपी अक्षत आनंद उर्फ साहिल, सोहेल अख्तर और रितेश मिश्रा को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपी मूल रूप से बिहार और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो संगठित रूप से इस प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।
पर्यटन और साख पर प्रहार करने वालों को कड़ा संदेश
पौड़ी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम धाराओं में मुकदमा चलाकर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। यह कार्रवाई उन असामाजिक तत्वों के लिए एक चेतावनी है जो फर्जीवाड़े के जरिए व्यापारियों को निशाना बनाकर उत्तराखंड की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं।
