- सीएम धामी की अगुवाई में 18 वीं बार पीएम मोदी का स्वागत करेगा उत्तराखंड
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वीं बार, मंगलवार को आएंगे उत्तराखंड दौरे पर
देहरादून।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंगलवार को अपने 28वें दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह उनका 18वां दौरा होगा। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और टिहरी में देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का आगमन उत्तराखंड वासियों के लिए विशेष रूप से उत्साह का कारण बना हुआ है, क्योंकि उनकी यात्रा न केवल राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में भी अहम योगदान साबित हो रही है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: कनेक्टिविटी में क्रांति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन उत्तराखंड में कनेक्टिविटी के मामले में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 213 किलोमीटर होगी और इसका निर्माण ₹11,963 करोड़ की लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर सिर्फ 2.5 घंटे कर देगा। इस परियोजना की विशेषताएँ बेहद आकर्षक हैं, जिसमें 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, 200 मीटर लंबे दो एलीफेंट अंडरपास, 6 एनिमल पास, और 370 मीटर लंबी सुरंग डाटकाली के पास शामिल हैं। यह सड़क न केवल यातायात को सुगम बनाएगी बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र: ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। यह संयंत्र, टिहरी हाईड्रो पावर परियोजना के तहत बनाया गया है और इसकी क्षमता 2400 मेगावाट है। यह संयंत्र टिहरी जलाशयों के ऊपरी और निचले हिस्सों के बीच अतिरिक्त बिजली उत्पन्न करेगा और भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश में ऊर्जा की आपूर्ति में सुधार होगा और यह भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्य को भी साकार करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से गहरा संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से एक विशेष संबंध है। उनका राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों के प्रति गहरा आस्था है और वह कई बार केदारनाथ, बद्रीनाथ, और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से उन्होंने उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण दौरे किए हैं, जिनमें केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण और चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने का संदेश शामिल है। मोदी जी के इन दौरों के बाद, इन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।
उत्तराखंड के विकास में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे और उनके नेतृत्व में प्रदेश की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं ने उत्तराखंड में एक नई क्रांति लाई है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं ने राज्य को एक नया विकासशील रूप दिया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों में सड़क निर्माण, हवाई सेवाओं का विस्तार और रेल नेटवर्क की मजबूती के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है।
प्रधानमंत्री के विभिन्न दौरे और उपहार
प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को भी प्रोत्साहित किया गया है। उनके द्वारा भेंट में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद जैसे शॉल, इत्र, चंदन, हिमालय की तस्वीरें और मंदिर की प्रतिकृतियाँ दी गई हैं। इन उपहारों के माध्यम से पीएम मोदी ने न केवल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को महत्व दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
2021 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड दौरे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 17 बार उत्तराखंड आ चुके हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ी प्रतिकृतियाँ, प्रतीक चिन्हों के साथ ही, उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद भेंट किए हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक परंपराओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड दौरे के प्रमुख विवरण:
7 अक्टूबर 2021 – ऋषिकेश (स्थानीय हस्तशिल्प आधारित शॉल और पुस्तक)
5 नवंबर 2021 – केदारनाथ धाम (केदारनाथ मंदिर प्रतिकृति)
4 दिसंबर 2021 – देहरादून (शॉल, चंदन, इत्र और हर्बल प्रोडक्ट)
30 दिसंबर 2021 – हल्द्वानी (शॉल और हिमालय की तस्वीर)
10 फरवरी 2022 – श्रीनगर (चुनावी जनसभा)
11 फरवरी 2022 – अल्मोड़ा (चुनावी जनसभा)
12 फरवरी 2022 – रुद्रपुर (चुनावी जनसभा)
23 मार्च 2022 – देहरादून (नवनिर्वाचित सरकार का शपथ ग्रहण)
21 अक्टूबर 2022 – केदारनाथ, बद्रीनाथ, माणा (बदरीनाथ प्रसाद बॉक्स)
12 अक्टूबर 2023 – पिथौरागढ़- जागेश्वर (शिव प्रतिमा, आदि कैलाश चित्र)
8 दिसंबर 2023 – देहरादून (हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के उत्पाद)
2 अप्रैल 2024 – रुद्रपुर (शंख)
11 अप्रैल 2024 – ऋषिकेश (उत्तराखंड का वाद्य यंत्र हुड़का)
28 जनवरी 2025 – देहरादून (पुस्तक और अंगवस्त्र)
6 मार्च 2025 – मुखवा (उत्तरकाशी) (माँ गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा मंदिर की प्रतिकृति)
11 सितंबर 2025 – देहरादून (आपदा प्रभावितों से भेंट)
9 नवम्बर 2025 – देहरादून (पहाड़ी शॉल, बाबा केदार के शीतकालीन निवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर की प्रतिकृति राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आधारित स्मृति चिन्ह)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड में किए गए इन दौरों ने राज्य को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान दिलवाया, बल्कि स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को भी बढ़ावा दिया है।
