देहरादून/खटीमा: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक UPSC Success पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी उपलब्धि को Uttarakhand Pride का प्रतीक बताया।

मेहनत और समर्पण से रचा इतिहास
नगला तराई स्थित निजी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किच्छा निवासी शांभवी तिवारी, काशीपुर की प्रिया चौहान और भीमताल की सौम्या गर्ब्याल से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इन बेटियों की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह Women Empowerment और कड़े संघर्ष की मिसाल है। शांभवी, प्रिया और सौम्या का चयन यह सिद्ध करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और अनुशासन हो, तो दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार यूपीएससी को फतह करना असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन बेटियों ने न केवल अपने परिवारों का नाम ऊंचा किया है, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह Civil Services Result राज्य के उन हजारों युवाओं के लिए एक Youth Inspiration बनेगा जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। संवाद के दौरान उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों के परिजनों से भी वार्ता की और उनके अभिभावकों के धैर्य व सहयोग की सराहना की।

सम्मान और प्रोत्साहन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने Shambhavi Tiwari, Priya Chauhan और Soumya Garbyal को पुस्तक, उपहार और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा में प्रवेश के बाद इन बेटियों के पास जनसेवा का एक व्यापक मंच होगा, जहाँ वे अपनी नीतियों और निर्णयों से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को लाभ पहुँचा सकेंगी। इस IAS Success Stories के माध्यम से उत्तराखंड की प्रशासनिक साख को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया गया।
पर्वतारोहण में भी फहराया तिरंगा
कार्यक्रम के दौरान केवल प्रशासनिक सेवाओं ही नहीं, बल्कि साहसिक खेलों में भी प्रदेश की धमक दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने जनपद की जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट को उनके साहसी नेतृत्व के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया। लता बिष्ट ने भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन द्वारा आयोजित Mount Chandrabhaga Expedition का टीम लीडर के रूप में नेतृत्व किया। उन्होंने माउंट चंद्रभागा-13 (6264 मीटर) और माउंट चंद्रभागा-14 (6074 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण कर उत्तराखंड की साहसिक खेल प्रतिभा को वैश्विक पटल पर रखा। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल और प्रशस्ति पत्र देकर उनके अदम्य साहस की प्रशंसा की।

प्रशासनिक उपस्थिति
समारोह के दौरान जिले के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एएसपी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी और प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन ने भी चयनित अभ्यर्थियों और पर्वतारोही टीम लीडर को बधाई दी। उपस्थित अधिकारियों ने इस सफलता को जिले के लिए एक गौरवपूर्ण अध्याय बताया।
उत्तराखंड की बेटियों का यूपीएससी और पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अग्रणी रहना यह दर्शाता है कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि शांभवी, प्रिया और सौम्या जैसी प्रतिभाएं भविष्य में राज्य के विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। यह संपूर्ण घटनाक्रम न केवल उत्सव का क्षण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाएगा।
