उत्तराखंड

उत्तराखंड आपदा: चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में कहर, 5 की मौत – 11 लोग अब भी लापता

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उत्तराखंड।उत्तराखंड एक बार फिर भीषण आपदा की चपेट में है। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में अतिवृष्टि और बादल फटने ने तबाही मचा दी है।मौत, लापता लोगों की चीखें और ढही हुईं उम्मीदें पहाड़ की पीड़ा को और गहरा कर रही हैं।

चमोली: पति-पत्नी की मौत, कई घायल

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में पहाड़ टूट पड़ा। भूस्खलन के मलबे में दबे पति-पत्नी की मौत हो गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हुए। वहीं, दो लोग घायल हो गए जिन्हें देवाल के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

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रुद्रप्रयाग: बसुकेदार में बादल फटने से हाहाकार

बसुकेदार तहसील में बादल फटने से कई घर तबाह हो गए, वाहन मलबे में दब गए। एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस बीच, एसडीआरएफ के जवान अपर उप निरीक्षक हरीश बंगारी की अगुवाई में मोर्चा संभाले हुए हैं। टीम ने तालजामल गांव से 40 और कुम्द गांव से 30 ग्रामीणों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। यह साहसिक रेस्क्यू अभियान ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया।

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बागेश्वर: मलबे में समा गए 6 मकान

कपकोट तहसील के पौसारी गांव में भारी मलबा आने से 6 मकान जमींदोज हो गए।इस हादसे में बसंती देवी और बचुली देवी की मौत हो गई। वहीं रमेश चंद्र जोशी, गिरीश और पूरण जोशी अब भी लापता हैं। घायल पवन जोशी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर SDRF, NDRF और प्रशासनिक टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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टिहरी गढ़वाल: बाल गंगा और धर्म गंगा उफान पर

टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार इलाके में भी बादल फटा। यहां कई घर और खेत तबाह हुए हैं। बाल गंगा और धर्म गंगा नदियों का उफान आसपास के इलाकों को डुबाने पर आमादा है।


यह आपदा न सिर्फ पहाड़ की नाजुक भौगोलिक स्थिति की तस्वीर दिखा रही है, बल्कि ग्रामीणों के हौसले और बचाव टीमों की जज्बे को भी उजागर कर रही है।