मुंबई: वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार को एक नई संजीवनी दी है। मंगलवार को घरेलू शेयर सूचकांकों—सेंसेक्स और निफ्टी—ने जबरदस्त वापसी करते हुए निवेशकों के घाटे पर मरहम लगाया।
दलाल स्ट्रीट पर ‘ग्रीन सिग्नल’
मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी का माहौल देखा गया। घरेलू सूचकांकों ने मजबूत शुरुआत की:
- सेंसेक्स: 413 अंकों (0.53%) की छलांग के साथ 77,979 के स्तर पर।
- निफ्टी: 112 अंकों (0.47%) की बढ़त के साथ 24,140 के पार।
- स्मॉलकैप का जलवा: निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.32% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार के व्यापक सुधार को दर्शाता है।
कच्चे तेल में ‘क्रैश’ से भारत को बड़ी राहत
बाजार में आई इस तेजी का सबसे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का 10% से अधिक टूटना है।
- राहत की वजह: युद्ध और तनाव जल्द समाप्त होने की संभावनाओं ने तेल की कीमतों को नीचे धकेला है।
- भारतीय अर्थव्यवस्था: भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल का सस्ता होना सीधा अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे के लिए सकारात्मक है।
सेक्टोरल अपडेट: कहां रही सबसे ज्यादा हलचल?
आज के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर ‘हरे निशान’ (Green Zone) में नजर आए:
- टॉप गेनर्स: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.95%), ऑटो (1.47%) और फार्मा (1.28%) सेक्टर में सबसे अधिक बढ़त रही।
- दबाव में: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के सीधे असर से केवल ‘ऑयल एंड गैस’ सेक्टर में 0.47% की मामूली गिरावट देखी गई।
वैश्विक बाजारों से मिला सहारा
भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी भरपूर समर्थन मिला। जापान का निक्केई 2.35% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.8% की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
विशेषज्ञों की सलाह: बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,200–24,250 का स्तर एक चुनौती हो सकता है, जबकि 23,900 पर मजबूत सपोर्ट है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

