देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले चर्चित रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोहड़ी गांव में हुए इस सनसनीखेज मर्डर केस में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ है, जिसके पैर में गोली लगी है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर रात एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस की टीमें जोहड़ी गांव और आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चला रही थीं। इसी दौरान पुलिस को ब्रिगेडियर हत्याकांड से जुड़े संदिग्ध बदमाशों की आवाजाही की सूचना मिली। जब पुलिस ने बदमाशों को घेरने का प्रयास किया, तो उन्होंने गुनियाल गांव के जंगलों की ओर भागने की कोशिश की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरे को घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया गया।

आरोपियों की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद कावीश हुसैन त्यागी (निवासी मुजफ्फरनगर) और 21 वर्षीय शांतनु त्यागी (निवासी सहारनपुर) के रूप में हुई है। घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और फील्ड यूनिट को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।
विवाद की जड़ और हत्याकांड की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला 29 मार्च की रात से शुरू हुआ था, जब आरोपी कुठालगेट स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे। 40 हजार रुपये के बिल को लेकर आरोपियों का बार स्टाफ के साथ हिंसक विवाद हुआ। अगले दिन 30 मार्च की सुबह, जब आरोपी बार स्टाफ की गाड़ी का पीछा कर रहे थे, तब उन्होंने जोहड़ी गांव में चलती कार से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दुर्भाग्यवश, एक गोली वहां मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में जा लगी, जिससे उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।

पुलिस की प्रभावी कार्रवाई
इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि में शांति भंग करने वाले अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
