ऋषिकेश। उत्तराखंड की पवित्र तीर्थनगरी ऋषिकेश से एक ऐसी रूहानी कँपकँपी पैदा करने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ प्रॉपर्टी डीलर (Property Dealer) के नाम पर सक्रिय एक संगठित शोषण (Organized Exploitation) के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एक बेबस महिला ने आरोप लगाया है कि उसे वर्ष 2021 से लगातार ब्लैकमेलिंग, धमकियों और नशीला पदार्थ (Intoxicants) देकर दरिंदगी का शिकार बनाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश जारी है।
विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग का सुनियोजित जाल
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने पहले उसे अपने विश्वास के जाल में फंसाया। इसके बाद उसकी कुछ आपत्तिजनक फोटो (Objectionable Photos) खींच ली गईं, जिन्हें हथियार बनाकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ। वर्ष 2021 से शुरू हुआ यह यौन शोषण (Sexual Harassment) का खेल ऋषिकेश के विभिन्न होटलों और सुनसान फार्महाउसों में चलता रहा। पीड़िता का आरोप है कि उसे नशीले पदार्थ देकर बेहोश किया जाता था और फिर सामूहिक रूप से या अलग-अलग जगहों पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
मजबूरी का फायदा और रूह कंपा देने वाली धमकियाँ
इस मामले का सबसे काला पक्ष यह है कि आरोपियों ने पीड़िता की पारिवारिक स्थिति और उसके पिता की गंभीर बीमारी का भरपूर लाभ उठाया। जब भी पीड़िता ने इस अपराध (Crime) का विरोध करने की कोशिश की, उसे उसके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। मानसिक दबाव और सामाजिक लोक-लाज के भय ने उसे लंबे समय तक खामोश रहने पर मजबूर कर दिया। आश्चर्यजनक रूप से, महिला ने अपने पति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क (Network) की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसमें परिवार के ही किसी सदस्य की मौन सहमति थी।
पुलिस की कार्रवाई और कानून का शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश पुलिस ने तत्काल प्रभाव से IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 342 (बंधक बनाना) और 506 (धमकाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी कुशाग्र शर्मा उर्फ रोमी (Kushagra Sharma alias Romi) को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध (Organized Crime) की तरह संचालित हो रहा था। फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
देवभूमि की छवि पर प्रहार
तीर्थनगरी में इस तरह के गैंग (Gang) का सक्रिय होना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य महिलाओं को भी अपना शिकार बनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दायरे में आने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
