चंपावत में नाबालिग से गैंगरेप: बीजेपी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष समेत 3 पर मुकदमा, हथियारों के बल पर की दरिंदगी


चंपावत (उत्तराखंड): उत्तराखंड के शांत पर्वतीय जिले चंपावत से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों द्वारा हथियारों के बल पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों में सत्ताधारी दल बीजेपी का एक पूर्व मंडल उपाध्यक्ष भी शामिल है, जो पूर्व में ग्राम प्रधान भी रह चुका है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है।

शादी समारोह में शामिल होने गई थी पीड़िता

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता, जो शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में पूरी आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि 5 मई को वे अपनी बेटी के साथ इलाज कराने चंपावत मुख्यालय आए थे। उपचार के बाद पिता तो वापस अपने गांव लौट गए, लेकिन उनकी 16 वर्षीय बेटी अपनी एक सहेली की शादी में शामिल होने के लिए चंपावत में ही रुक गई थी। पिता को अंदाजा भी नहीं था कि जिस बेटी को वह सुरक्षित समझकर छोड़ रहे थे, उसके साथ दरिंदगी की योजना बनाई जा रही थी।

हथियारों के बल पर बंधक बनाकर की दरिंदगी

​शाम तक जब बेटी घर नहीं लौटी, तो पिता ने उससे फोन पर संपर्क किया। उस समय बेटी ने बताया कि वह एक परिचित युवक के साथ, जिससे उसकी पहले से सामान्य बातचीत थी, शादी समारोह में जा रही है। लेकिन रात गहराने के साथ ही स्थिति भयावह हो गई। देर रात करीब 1:28 बजे बेटी का एक फोन आया, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाई और फोन स्विच ऑफ हो गया।

​घबराए पिता ने पुलिस को सूचना दी और स्थानीय लोगों की मदद से पूरी रात बेटी की तलाश की। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 4 बजे नाबालिग लड़की एक गांव के बंद कमरे में रस्सी से बंधी हुई मिली। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि तीन युवकों ने उसे चाकू और बसुला (लकड़ी काटने का औजार) दिखाकर डराया और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी और उसे कमरे में ताला लगाकर फरार हो गए।

आरोपियों में बीजेपी का पूर्व नेता शामिल

​इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है क्योंकि मुख्य आरोपियों में से एक बीजेपी का पूर्व मंडल उपाध्यक्ष है। आरोपी की पहचान और उसके रसूख को देखते हुए स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रसूखदार होने के कारण आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी महिला उपनिरीक्षक (SI) प्रियंका मौर्या को सौंपी गई है।

पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट

​चंपावत की पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और पोक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

“पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने और साक्ष्यों के आधार पर कठोरतम अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।” – रेखा यादव, एसपी चंपावत

क्षेत्र में भारी आक्रोश, गिरफ्तारी की मांग

​घटना की सूचना फैलते ही भारी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि चंपावत कोतवाली पहुंचे। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए, चाहे उनका राजनीतिक संबंध किसी भी दल से क्यों न हो।

​देवभूमि उत्तराखंड में इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। हथियारों के बल पर एक नाबालिग को बंधक बनाकर उसके साथ की गई इस दरिंदगी ने चंपावत के लोगों को डरा दिया है। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़िता को न्याय दिलाया जाता है।

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