चंपावत: उत्तराखंड के चम्पावत में चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले में पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। जिसे शुरुआत में जघन्य अपराध समझा जा रहा था, वह वास्तव में निर्दोष लोगों को कानून के जाल में फंसाने की एक सुनियोजित और गहरी साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य षड्यंत्रकारी कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बदले की भावना से रचा गया था षड्यंत्र
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला आपसी रंजिश और बदले की भावना से प्रेरित था। आरोपियों ने निर्दोष व्यक्तियों की छवि खराब करने और उन्हें जेल भेजने के उद्देश्य से एक नाबालिग लड़की का इस्तेमाल किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने न केवल झूठी कहानी गढ़ी, बल्कि नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ताकि मामले को सनसनीखेज बनाया जा सके।
मुकदमे में बढ़ाई गई पॉक्सो एक्ट की धाराएं
थाना चम्पावत में राम सिंह रावत की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कमल सिंह रावत, उसकी महिला मित्र और आनंद सिंह मेहरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान जब पुलिस को साजिश के पुख्ता सबूत मिले, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा 16 और 17 की वृद्धि की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कमल सिंह रावत और उसकी महिला साथी को हिरासत में लिया। आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में नामजद तीसरे आरोपी आनंद सिंह मेहरा की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई गतिमान है।
कानून का दुरुपयोग करने वालों को चेतावनी
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष को झूठे मुकदमों में नहीं फंसने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग कानून का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाते हैं या पुलिस प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से उन तत्वों को कड़ा संदेश गया है जो निजी स्वार्थ के लिए गंभीर कानूनों की आड़ लेते हैं।
इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस अब इस साजिश के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
