देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह को बेनकाब किया है। आईपीएल मैचों पर सट्टा लगवा रहे इस गिरोह के तार सीधे तौर पर दुबई से संचालित चर्चित महादेव एप और रेडी बुक बैटिंग एप से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो छत्तीसगढ़ और बिहार के रहने वाले हैं।
ऋषि विहार कॉलोनी के फ्लैट में चल रहा था नेटवर्क
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह को सूचना मिली थी कि बसंत विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल चल रहा है। इस पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने 7 अप्रैल की रात को ऋषि विहार कॉलोनी स्थित एक किराए के फ्लैट पर छापेमारी की। यहां से पांच आरोपियों को रंगे हाथ सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुनील शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़), संदीप गुप्ता (सरगुजा, छत्तीसगढ़), संदीप कुमार (औरंगाबाद, बिहार), अकरंद शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़) और अभिषेक शर्मा (सरगुजा, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है।
दुबई और महादेव एप से कनेक्शन
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक, यह गिरोह रेडी बुक बैटिंग एप और महादेव एप के जरिए सट्टा खिलवाता था। पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड सुमित यादव है, जो गुरुग्राम में रहता है। सुमित यादव ही इन आरोपियों को आईडी और पासवर्ड मुहैया कराता था। जांच में पता चला है कि सुमित को ये एक्सेस सीधे दुबई से प्राप्त होते थे। सुमित यादव के तार महादेव बैटिंग एप के मालिक सौरभ चन्द्राकर से भी जुड़े हुए हैं।
ऐसे होता था करोड़ों का खेल
आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप और विभिन्न ऑनलाइन वेबसाइटों के माध्यम से ग्राहकों को अपने साथ जोड़ते थे। एप का एक्सेस मिलने के बाद ये सट्टा खेलने वालों के लिए अलग से यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार करते थे। सट्टा लगाने वालों से एडवांस में बैंक खातों में पैसा जमा कराया जाता था। पुलिस अब उन बैंक खातों की भी जांच कर रही है जिनमें सट्टे की रकम जमा की गई थी।
भारी मात्रा में उपकरण और एटीएम बरामद
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल सट्टेबाजी में किया जा रहा था। बरामद सामान की सूची इस प्रकार है:
- 3 लैपटॉप
- 17 मोबाइल फोन
- 22 एटीएम कार्ड
- एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन
किराए के फ्लैट पर चल रही थी गतिविधि
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस फ्लैट में यह गिरोह काम कर रहा था, वह अंकित कुमार का है। यह फ्लैट सुमित यादव ने ही आरोपियों को किराए पर दिलवाया था और वह खुद भी समय-समय पर यहां आता रहता था। आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में धारा 3/4 जुआ अधिनियम 1867 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब सुमित यादव और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
