देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखते हुए ऊर्जा और संसाधनों की बचत को देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक उत्तरदायित्व बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई अपील केवल आर्थिक बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में उठाया गया एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत संकल्प ही आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
नागरिकों से छोटे संकल्प लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता और देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए कुछ छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव अपने जीवन में लाए, तो इसके बड़े सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया:
- विदेशी यात्रा और स्वदेशी उत्पाद: मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक रूप से होने वाली विदेश यात्राओं को टालना चाहिए। इसके स्थान पर स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी बल मिलेगा।
- ऊर्जा और ईंधन की बचत: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को कम करने के लिए नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, घरों और कार्यालयों में ऊर्जा की बचत करना भी अत्यंत आवश्यक है।
- आर्थिक अनुशासन: मुख्यमंत्री ने एक साल के लिए स्वर्ण आभूषणों की खरीद से बचने और खाद्य तेल का संयमित उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ये कदम देश के व्यापार घाटे को कम करने और घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में सहायक सिद्ध होंगे।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की आवश्यकता बताते हुए धामी ने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक खाद और जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि आम जनमानस का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
जन आंदोलन बनेगा आत्मनिर्भरता का संकल्प
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि यहाँ के नागरिक हमेशा राष्ट्रहित के कार्यों में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री के इस आह्वान को एक जन आंदोलन का रूप देगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना केवल सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए हर नागरिक की व्यक्तिगत सहभागिता अनिवार्य है।
धामी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। आत्मनिर्भरता की यह यात्रा तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग संसाधनों के संरक्षण और स्वदेशी के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करेगा। उन्होंने अंत में राज्य के सभी नागरिकों से इन संकल्पों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का अनुरोध किया ताकि भारत को एक परम वैभवशाली राष्ट्र बनाया जा सके।
