नैनीताल |उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भवाली-कैंचीधाम मार्ग पर सोमवार देर रात एक व्यक्ति का संतुलन बिगड़ने के कारण वह करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम ने रात के अंधेरे में बेहद दुर्गम पहाड़ियों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
यह घटना निगलाट के पास घटित हुई। पुलिस प्रशासन और राहत बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 35 वर्षीय कृष्ण कुमार के रूप में की गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि कृष्ण कुमार कहां का निवासी था और वह उस समय वहां कैसे पहुंचा।
अंधेरे और ढलान के बीच SDRF का जोखिम भरा रेस्क्यू
हादसे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद आपदा कंट्रोल रूम ने SDRF को सूचित किया। सूचना मिलते ही SDRF के उपनिरीक्षक मनीष भाकुनी अपनी विशेष टीम और आधुनिक पर्वतारोहण उपकरणों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। रात का समय होने और खाई की गहराई लगभग 400 फीट (120 मीटर) होने के कारण बचाव कार्य में काफी बाधाएं आईं।
जवानों ने हार नहीं मानी और रोप रेस्क्यू (रस्सियों के सहारे उतरना) तकनीक का सहारा लिया। घने अंधेरे और खड़ी ढलान के बावजूद, जवान रस्सियों के सहारे 120 मीटर नीचे खाई की तलहटी तक पहुंचे। वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। जब SDRF की टीम खाई में नीचे पहुंची, तो उन्होंने देखा कि कृष्ण कुमार का शरीर लहूलुहान था। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर चोटें आई थीं। अत्यधिक चोट और रक्तस्राव के कारण कृष्ण कुमार की सांसें पहले ही थम चुकी थीं।
शिनाख्त की कोशिशें जारी
पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह मामला पैर फिसलने या अचानक संतुलन बिगड़ने का लग रहा है। भवाली-कैंचीधाम मार्ग पर निगलाट का यह हिस्सा काफी संवेदनशील है। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार देर रात पैदल चलते समय या सड़क किनारे रुकने के दौरान कृष्ण कुमार का पैर फिसला होगा और वह सीधे गहरी खाई में जा समाया।
रेस्क्यू टीम ने देर रात स्ट्रेचर की मदद से और रस्सियों के जरिए शव को खींचकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर एम्बुलेंस के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मृतक के पास से कोई भी ऐसा पहचान पत्र या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसके स्थायी निवास या परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
पहाड़ी रास्तों पर सावधानी की अपील
नैनीताल और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर इस तरह के हादसे होते रहते हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि रात के समय पहाड़ी सड़कों पर चलते समय विशेष सावधानी बरतें। खासकर उन रास्तों पर जहां पैरापेट या सुरक्षा दीवारें नहीं हैं, वहां किनारे पर जाना जानलेवा साबित हो सकता है। कैंचीधाम मार्ग पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में अंधेरे के वक्त पैदल यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
फिलहाल, पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
