मुंबई।मुंबई मे रविवार, 12 अप्रैल 2026 को दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया। 11 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे आनंद भोसले और डॉक्टरों ने इस खबर की पुष्टि की।
अस्पताल में तोड़ा दम, डॉक्टरों ने बताई वजह
आशा भोसले की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रतीत समदानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हुआ। यह खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार ने दी जानकारी, यहां होंगे अंतिम दर्शन
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने मीडिया से बातचीत में उनकी मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुंबई के लोअर परेल स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बड़ी संख्या में प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने जताया शोक, याद किए खास पल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे बहुमुखी और प्रसिद्ध आवाजों में से एक थीं। उन्होंने दशकों तक अपनी आवाज से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनियाभर के लोगों के दिलों को छुआ। पीएम ने कहा कि उनके साथ बिताए गए पल हमेशा यादगार रहेंगे।

अक्षय कुमार बोले- आवाज हमेशा रहेगी अमर
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने भी आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस क्षति को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले की सुरीली आवाज हमेशा अमर रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए और हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। रोमांटिक, ग़ज़ल, क्लासिकल, पॉप और आइटम नंबर—हर तरह के गीतों में उनकी आवाज ने जादू बिखेरा। उनकी गायकी ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।
हर भाषा और हर दौर में छाई रहीं आशा भोसले
आशा भोसले ने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी समेत कई भाषाओं में गीत गाए। उनकी आवाज की खासियत थी उसकी विविधता और भावनात्मक गहराई। यही वजह रही कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई।
पुरस्कारों और उपलब्धियों से भरा करियर
अपने लंबे करियर में आशा भोसले को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उनका नाम भारतीय संगीत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उनके गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने समय में थे।
हमेशा याद रहेंगी सुरों की मलिका
आशा भोसले भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनके गाए गीत हर मौके पर गूंजते रहेंगे और उन्हें अमर बनाए रखेंगे। उनका जाना एक युग के अंत जैसा है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
