रामनगर (उत्तराखंड):विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वन विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया है। कार्यालय फील्ड डायरेक्टर, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निर्देशानुसार और उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़ के नेतृत्व में ढेला और झिरना रेंज के संवेदनशील इलाकों में संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई से रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है।

संवेदनशील इलाकों और गूर्जर डेरों पर औचक छापेमारी
वन विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनांक 21 मई 2026 को वन क्षेत्राधिकारी ढेला और वन क्षेत्राधिकारी झिरना के नेतृत्व में संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने ढेला बैराज, गूजरकैम्प तथा ढेला गूजर झालों का बेहद बारीकी से औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा टीमों ने क्षेत्र में निवास कर रहे व्यक्तियों की सूची और उनकी गतिविधियों का गहन परीक्षण किया। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों से आवश्यक जानकारी संकलित की गई ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक न हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोर और बफर जोन से सटे इन इलाकों में बाहरी और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

झूल्लूमोड़ क्षेत्र और पत्थरकुआं में चलाया गया सघन तलाशी अभियान
संयुक्त टीम ने इसके तुरंत बाद झिरना रेंज के अंतर्गत आने वाले अत्यधिक संवेदनशील झूल्लूमोड़ क्षेत्र के पत्थरकुआं में रहने वाले गूजरों के डेरों और आवासों का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां वन कर्मियों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीव सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में चौबीस घंटे सतर्कता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि गश्त के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बिग कैट्स (बाघ और तेंदुआ) की सुरक्षा पर विशेष फोकस
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के भीतर वन्यजीवों, विशेषकर बिग कैट्स (बाघ, तेंदुआ आदि) के अवैध शिकार (Poaching) की रोकथाम करना है। मानसून सीजन की आहट और गर्मियों के इस विशेष समय में वन्यजीवों की पानी के स्रोतों के आसपास आवाजाही बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना अनिवार्य हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा चक्र को और अधिक मजबूत किया गया है।

अभियान में शामिल रहे अधिकारी और कर्मचारी
सघन चेकिंग और औचक निरीक्षण के इस महत्वपूर्ण अभियान के दौरान कालागढ़ और ढेला-झिरना रेंज की संयुक्त टीम के प्रमुख जिम्मेदार सदस्य मुस्तैद रहे। मौके पर मौजूद रहने वाले टीम सदस्यों में शामिल हैं:
- अमित कुमार ग्यासीकोटी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़
- भानु प्रकाश हर्बोला, वन क्षेत्राधिकारी, ढेला
- दीपक कुमार तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी, झिरना
- नवीन चन्द्र पपनै, वन दरोगा, ढेला
- तरुण कुमार, वन दरोगा, झिरना
- हरपाल सिंह, वन आरक्षी, ढेला
- शोएब अंसारी, वन आरक्षी, ढेला
- नितिश कुमार, वन आरक्षी, झिरना
- नरेन्द्र बिष्ट, एसटीपीएफ, ढेला

इनके अलावा ढेला और झिरना रेंज के अन्य स्टाफ और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) के जवान भी मुस्तैदी से सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने में शामिल रहे। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के मीडिया सेल ने बताया कि आने वाले दिनों में भी रिजर्व के अन्य संवेदनशील बॉर्डर्स और रेंजों में इसी प्रकार के औचक और सघन कॉम्बिंग अभियान जारी रहेंगे ताकि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जा सके।
