उत्तराखंड में कुदरत का कहर: भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
देहरादून/नैनीताल:उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के सभी जिलों में देर रात से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के सात जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
चमोली में बड़ा हादसा: 500 से अधिक बकरियों की मौत
मौसम के इस रौद्र रूप का सबसे दर्दनाक असर चमोली जिले में देखने को मिला। जिले की निजमूला घाटी के ऊंचाई वाले बुग्याली क्षेत्र ‘भनाली तोक’ में रविवार रात आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में हुकम सिंह और मदन लाल नामक पशुपालकों की 500 से अधिक बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से प्रभावित परिवारों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है और प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की है।
नैनीताल और देहरादून में मूसलाधार बारिश
कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले में सोमवार सुबह 3 बजे से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। राजधानी देहरादून में भी सुबह से ही घने बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। रविवार को भी देहरादून में काले बादलों के कारण दोपहर में ही अंधेरा छा गया और शाम जैसा नजारा देखने को मिला। उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल हाईवे पर बारिश के चलते अचानक पहाड़ी से झरने फूट पड़े, जिससे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ तीव्र ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने सोमवार को जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और ठंड का अहसास
बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी लगातार हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। केदारघाटी और टिहरी के ऊंचे इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 से 7 मई के बीच उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के प्रबल आसार हैं। इससे आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तापमान का विवरण और आगामी अनुमान
रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पंतनगर में अधिकतम 30.6 और टिहरी में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सुरक्षा सलाह
प्रशासन ने चिनूक और झोंकेदार हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े होने और आकाशीय बिजली चमकने के समय सुरक्षित पक्के भवनों में शरण लेने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।
