ब्रेकिंग न्यूज़: भतरौजखान क्षेत्र में हुआ दर्दनाक हादसा
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के जनपद अल्मोड़ा से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले 04 दिनों से लापता चल रहे भतरौजखान थाने में तैनात कांस्टेबल संजीव कुमार का शव आज सुबह मछोड़ और चौड़ी घट्टी के बीच एक गहरी खाई में बरामद हुआ है। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कांस्टेबल का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।

ड्यूटी के लिए निकले थे, फिर हो गए लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2002 बैच के पुलिस कांस्टेबल संजीव कुमार (11 ना.पु.) थाना भतरौजखान में नियुक्त थे। बीते 24 अप्रैल 2026 को वह राजकीय कार्य (समन/नोटिस तामीली) के लिए पुलिस कार्यालय अल्मोड़ा हेतु अपनी निजी कार संख्या UK-18-Q-2132 (काले रंग की क्रेटा) से रवाना हुए थे। रवानगी के समय जीडी नंबर-18 में उनकी प्रविष्टि दर्ज की गई थी।
परिजनों के अनुसार, 1 मई 2026 को उनसे अंतिम बार फोन पर संपर्क हुआ था, तब उन्होंने अपनी लोकेशन भतरौजखान-रामनगर रोड के बीच ‘चौड़ी घट्टी’ क्षेत्र बताई थी। इसके बाद से उनका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए थाना भतरौजखान में उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।
500 मीटर गहरी खाई में मिली कार, रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
सोमवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने मछोड़ और घट्टी क्षेत्र के बीच जंगल की ओर एक कार को गहरी खाई में गिरा हुआ देखा। सूचना मिलते ही भतरौजखान पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने देखा कि कांस्टेबल संजीव कुमार की क्रेटा कार लगभग 500 मीटर नीचे खाई में दुर्घटनाग्रस्त होकर अटकी हुई थी।
जब पुलिस और स्थानीय लोग कार के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा अत्यंत दर्दनाक था। पुलिस को कांस्टेबल संजीव कुमार का सिर गाड़ी के भीतर ही मिला, जबकि उनका बाकी का शरीर (धड़) मौके पर नहीं था। काफी खोजबीन के बाद दुर्घटनास्थल से लगभग 100 से 150 मीटर दूर उनका धड़ बरामद हुआ।
जंगली जानवर द्वारा शव को खींचने की आशंका
शव की स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद शव क्षत-विक्षत हो गया था। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क से काफी नीचे और घने जंगल का क्षेत्र होने के कारण, दुर्घटना के बाद किसी हिंसक जंगली जानवर ने शव को वाहन से बाहर घसीटा होगा और उसे नुकसान पहुँचाया होगा। हालांकि, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस विभाग के लिए बड़ी क्षति
कांस्टेबल संजीव कुमार के निधन की खबर से अल्मोड़ा पुलिस समेत पूरे उत्तराखंड पुलिस महकमे में गम का माहौल है। 2002 बैच के अनुभवी सिपाही होने के नाते वह विभाग में काफी लोकप्रिय थे। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा को याद करते हुए साथी पुलिसकर्मियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
पहाड़ी रास्तों पर चौड़ी घट्टी और मछोड़ के बीच का यह हिस्सा काफी संवेदनशील माना जाता है। इस हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और रात के समय यात्रा की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि यह हादसा वाहन के अनियंत्रित होने से हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी थी।
निष्कर्ष: अल्मोड़ा पुलिस ने अपने एक कर्मठ साथी को खो दिया है। यह घटना न केवल पुलिस परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए दुखद है। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है और परिजनों को इस कठिन समय में संबल देने हेतु विभाग उनके साथ खड़ा है।
