आयोजन समिति की चुप्पी पर उठे सवाल, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला हुआ शांत
उत्तरकाशी।जनपद स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रेणुका मंदिर मेले के छठे दिन उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सांस्कृतिक संध्या के दौरान अचानक मारपीट और हंगामा शुरू हो गया। मशहूर कलाकार प्रियंका मेहरा के कार्यक्रम के दौरान नशे में धुत कुछ स्थानीय युवकों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे शांतिपूर्ण माहौल पल भर में दहशत में बदल गया।
मंच पर सुर, मैदान में ईंट-पत्थर
मेले की छठी शाम प्रियंका मेहरा के नाम थी और भारी संख्या में लोग संगीत का आनंद लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम अभी परवान चढ़ ही रहा था कि अचानक दर्शक दीर्घा में मौजूद कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात मारपीट तक पहुँच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर युवक नशे की हालत में थे और बिना किसी ठोस वजह के लोगों से उलझने लगे।
अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल
हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई। महिलाएं और बच्चे खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही मिनटों में मेले की रौनक दहशत में तब्दील हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के सख्त तेवर देख हंगामा करने वाले युवक वहां से खिसक गए।
आयोजकों की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी
इस पूरी घटना ने मेला समिति की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब इस संबंध में रेणुका मंदिर समिति के पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। आयोजकों की ओर से सुरक्षा में चूक या हंगामे के कारणों पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, जिसे लेकर स्थानीय जनता में रोष है।
“पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाल लिया था। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
— स्थानीय पुलिस प्रशासन
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।
