पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल: जानें आपके शहर में आज क्या हैं नए दाम और क्यों बढ़ी कीमतें?


पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा फेरबदल: 4 साल बाद बढ़े दाम, जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों का हाल

नई दिल्ली: देश के आम आदमी की जेब पर आज महंगाई का एक और बोझ पड़ गया है। काफी समय से लगाए जा रहे कयासों पर विराम लगाते हुए तेल कंपनियों ने आज शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं पर दिखने लगा है।

कितनी हुई बढ़ोतरी?

​ताजा जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दामों में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले चार साल से स्थिर चल रहे दामों में यह बदलाव एक बड़ी आर्थिक हलचल का संकेत है।

प्रमुख महानगरों में नई कीमतें (प्रति लीटर)

​देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में वैट (VAT) की दरों के कारण कीमतें अलग-अलग हैं। आज की नई दरें इस प्रकार हैं:

  1. दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी): पेट्रोल अब 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।
  2. मुंबई (मायानगरी): यहाँ पेट्रोल की नई कीमत 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये तय की गई है।
  3. कोलकाता: पेट्रोल के दाम बढ़कर 108.74 रुपये और डीजल के दाम 95.13 रुपये हो गए हैं।
  4. चेन्नई: यहाँ एक लीटर पेट्रोल के लिए 103.67 रुपये और डीजल के लिए 95.25 रुपये चुकाने होंगे।

क्यों बढ़ी कीमतें? ईरान-अमेरिका युद्ध और कच्चे तेल का खेल

​पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध जैसी स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।

​कुछ समय पहले तक कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अब आसमान छूते हुए 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। कच्चे तेल की इन बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियों को हर महीने लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी घाटे की भरपाई और वैश्विक बाजार के दबाव के कारण देश में करीब चार साल बाद कीमतों में फेरबदल करना पड़ा है।

आम आदमी पर प्रभाव

​पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर केवल वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई (Logistics) महंगी होने के कारण फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में महंगाई दर में और बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही है।

भविष्य की राह

​बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आई, तो आने वाले हफ्तों में कीमतों में और भी संशोधन देखने को मिल सकते हैं। तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान को कम करने के लिए धीरे-धीरे कीमतों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर लाने की कोशिश कर रही हैं।

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