NEET Exam Online: अगले साल से कंप्यूटर पर होगी नीट परीक्षा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान


NEET Exam Online: पेपर लीक के बाद केंद्र का बड़ा फैसला, अगले साल से OMR नहीं, कंप्यूटर पर होगी नीट परीक्षा

नई दिल्ली:मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) को लेकर केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा फैसला लिया है। लगातार सामने आ रही पेपर लीक और धांधली की गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अगले साल से नीट परीक्षा को पूरी तरह ऑनलाइन (कंप्यूटर बेस्ड) आयोजित करने का निर्णय लिया है।

​केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पारंपरिक पेन-पेपर और OMR शीट के बजाय छात्रों को कंप्यूटर स्क्रीन पर परीक्षा देनी होगी।

अगले साल से लागू होगा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मॉडल

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “एक जरूरी बात जो मैं आप सभी के माध्यम से देश को बताना चाहता हूं, वह यह है कि अगले साल से वास्तविक मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा। नीट परीक्षा अब OMR शीट के बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के तौर पर आयोजित की जाएगी।”

​माना जा रहा है कि इस फैसले से प्रश्न पत्रों के फिजिकल लीक होने, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान होने वाली गड़बड़ियों और OMR शीट में हेराफेरी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता को नया बल मिलेगा।

नीट-यूजी 2026 को लेकर किए गए 5 बड़े ऐलान

​शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चालू वर्ष (2026) की नीट-यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों का ब्यौरा देते हुए दोबारा परीक्षा (Re-exam) के संबंध में कई महत्वपूर्ण गाइडलाइंस और राहतों की घोषणा की:

  • 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा: मंत्री ने बताया कि 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा परीक्षा की नई तारीख 21 जून 2026 घोषित की गई है।
  • रिफंड होगी फीस, री-एग्जाम मुफ्त: परीक्षा रद्द करने के तुरंत बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों की फीस वापस करने का ऐलान किया था। दोबारा होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
  • परीक्षा केंद्र बदलने का विकल्प: छात्रों की सहूलियत के लिए NTA ने स्टूडेंट्स को उनके शहर के हिसाब से अपना पसंदीदा परीक्षा केंद्र (Exam Center) फिर से चुनने के लिए एक हफ्ते का समय देने का फैसला किया है।
  • 15 मिनट का अतिरिक्त समय: समय की कमी और छात्रों के तनाव को कम करने के लिए परीक्षा का समय 15 मिनट बढ़ा दिया गया है। जो परीक्षा पहले दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी, अब वह शाम 5.15 बजे तक चलेगी।
  • 14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड: री-एग्जाम में शामिल होने वाले सभी योग्य उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

7 मई को पहली बार पकड़ी गई थी पेपर लीक की साजिश

​धर्मेंद्र प्रधान ने सिलसिलेवार ढंग से पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया, “3 मई को परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई थी, लेकिन 7 मई को NTA को पहली बार शिकायत मिली कि सोशल मीडिया पर चल रहे एक ‘गेस पेपर’ में कुछ ऐसे सवाल थे जो हूबहू इस बार के असली प्रश्न पत्र में शामिल थे। उच्च शिक्षा विभाग ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी आंतरिक जांच शुरू की और मामला सरकारी एजेंसी को सौंपा। राज्य की विभिन्न एजेंसियों से संपर्क साधने के बाद 12 मई तक हमें यह पुख्ता सबूत मिल गए कि गेस पेपर की आड़ में असली परीक्षा के सवाल सचमुच लीक किए गए थे।”

​उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा, “हम किसी भी कीमत पर यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि देश का कोई भी होनहार और योग्य छात्र किसी फ्रॉड कैंडिडेट की चाल या शिक्षा माफिया की साजिशों के कारण अपने हक से वंचित रह जाए। पिछली गड़बड़ियों के बाद हमने राधाकृष्णन कमेटी बनाई थी और उसकी सिफारिशों को 2025 और 2026 दोनों वर्षों के लिए पूरी तरह लागू भी किया था, इसके बावजूद यह घटना घट गई। इसलिए हमारा पहला और सबसे कड़ा फैसला इस कलंकित परीक्षा को रद्द करने का था।”

यातायात की व्यवस्था करेगी सरकार, अफवाहों से बचने की सलाह

​चूंकि जून के महीने में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, इसलिए शिक्षा मंत्री ने छात्रों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके सफर को आसान बनाएगी। उन्होंने कहा, “मैं खुद विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करूंगा ताकि नीट परीक्षा के दिन छात्रों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। भारत सरकार राज्यों के समन्वय से छात्रों के लिए विशेष ट्रांसपोर्ट सुविधा की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है।”

मामला CBI को सौंपा, शिक्षा माफिया को सख्त चेतावनी

​शिक्षा मंत्री ने इस लड़ाई को आर-पार की लड़ाई बताते हुए कहा कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर कई हैंडल भ्रम फैला रहे हैं और दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए मामले की जांच तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई है।

​”यह परीक्षा माफिया के खिलाफ एक लंबी और निर्णायक लड़ाई है। जो लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, उन्हें मेरी साफ चेतावनी है—वे आने वाली परीक्षा प्रक्रिया से दूर रहें, वरना उन्हें ऐसी सख्त सजा भुगतनी पड़ेगी जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।” – धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री

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