रामनगर: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जगी PWD की नींद, बदहाल सड़कों पर लीपापोती देख भड़के ग्रामीण और समाजसेवी
रामनगर (नैनीताल): नैनीताल जिले के रामनगर स्थित पाटकोट क्षेत्र में सड़कों की खस्ताहाली अब एक बड़ा मुद्दा बन गई है। ताज्जुब की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) जो महीनों से इन सड़कों की सुध लेने को तैयार नहीं था, वह मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मात्र से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। हालांकि, विभाग की यह सक्रियता सुधार के लिए नहीं, बल्कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए की जा रही ‘लीपापोती’ तक सीमित नज़र आ रही है।

मुख्यमंत्री और सांसद का कल है पाटकोट दौरा
कल, दिनांक 16 मई 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट पाटकोट के सीताबनी में आयोजित ‘जानकी राम कथा’ में शिरकत करने पहुँच रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए PWD प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
समाजसेवी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने खोला मोर्चा
क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी नरेंद्र सिंह बिष्ट (रिंकू) ने PWD की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पाटकोट भंडार पानी मार्ग और आसपास के गांवों की सड़कें लंबे समय से बेहद खराब हालत में हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते सड़कें साकार नहीं हो सकीं।

बिष्ट ने आरोप लगाते हुए कहा:
”आज जब प्रदेश के मुखिया खुद यहाँ आ रहे हैं, तो विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए आनन-फानन में कहीं गड्ढा मुक्त करने का ढोंग कर रहा है, तो कहीं मिट्टी डालकर सड़कों को समतल दिखाने की कोशिश की जा रही है। यह जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।”
करोड़ों का राजस्व, फिर भी बदहाली का आलम
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग केवल संपर्क मार्ग नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व भी प्रदान करता है। इसके बावजूद सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारी और ठेकेदार आजकल सड़कों पर मिट्टी और पत्थर डालकर खानापूर्ति कर रहे हैं, जो पहली बारिश में ही बह जाएगी।

PWD की कार्यशैली पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर इस तरह की ‘अस्थाई लीपापोती’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाजसेवी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इन सड़कों का स्थायी समाधान किया जाए, न कि केवल वीआईपी दौरों के समय दिखावा।

अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद क्या पाटकोट की जनता को इन खस्ताहाल सड़कों से मुक्ति मिलती है या फिर विभाग की यह लापरवाही इसी तरह जारी रहेगी।
