नैनीताल में सनसनी: टीचर की डांट से आहत DSB कैंपस की छात्रा ने की आत्महत्या, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डीएसबी (DSB) कैंपस की एक मेधावी छात्रा ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा सिमरन आर्या (20) ने मंगलवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मृतका के भाइयों ने कैंपस के ही एक शिक्षक पर उनकी बहन को सार्वजनिक रूप से अपमानित और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कमरे में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला शव
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मल्लीताल के स्टाफ हाउस क्षेत्र की है। सिमरन आर्या अपने परिवार के साथ यहाँ किराए के मकान में रहती थी। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक सिमरन ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो परिजनों और पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। जब दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया, तो सिमरन का शव दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था। आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाल हेम चंद्र पंत के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रोफेसर की डांट बनी मौत की वजह?
मृतका के भाइयों, सागर और साहिल ने पुलिस को बताया कि सिमरन पिछले कुछ दिनों से काफी तनाव में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसबी कैंपस के एक शिक्षक उसे बेवजह परेशान कर रहे थे। भाइयों का दावा है कि उक्त शिक्षक ने सिमरन को सभी छात्र-छात्राओं के सामने बुरी तरह डांटा था, जिससे वह बेहद आहत थी। मेधावी छात्रा इस अपमान को सह नहीं पाई और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। सिमरन खुद भी भविष्य में एक शिक्षक बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन एक शिक्षक की कथित प्रताड़ना ने उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी।
मेधावी छात्रा थी सिमरन: 10वीं और 12वीं में रही थी टॉपर
सिमरन आर्या पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रही थी। उसने अपनी स्कूली शिक्षा भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल से पूरी की थी। वह अपने स्कूल की 10वीं और 12वीं की टॉपर रही थी और 12वीं में उसने विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए थे। पिता के निधन के बाद तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी सिमरन घर की जिम्मेदारी और पढ़ाई के बीच बेहतरीन सामंजस्य बिठाकर चल रही थी। उसके भाइयों ने बताया कि वह अपने सपनों को लेकर बहुत गंभीर थी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, जांच जारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। क्षेत्राधिकारी (CO) रविकांत सेमवाल ने बताया कि पुलिस को 112 के माध्यम से आत्महत्या की सूचना मिली थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को फंदे से उतार दिया था। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से कई महत्वपूर्ण नमूने और साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी शिक्षक और छात्रा के सहपाठियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि आत्महत्या के सही कारणों का पता चल सके। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद से ही डीएसबी कैंपस के छात्रों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि यदि शिक्षक की प्रताड़ना की बात सच है, तो दोषी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि किसी और होनहार छात्र का भविष्य इस तरह खत्म न हो।
