पिथौरागढ़ में देर रात बड़ा सड़क हादसा: 100 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, एक युवक की मौत
पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के बोरागांव-बसौड मोटर मार्ग पर बीती देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। एक शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब मेहमानों को लेकर लौट रहा एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में एक 22 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सहित तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
शादी समारोह से लौट रहा था वाहन
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बीती देर रात्रि उस समय हुआ जब एक महिंद्रा कमांडर डीआई (वाहन संख्या UA05 5382) कॉटेबोरा से बसौड की ओर जा रही थी। वाहन में सवार सभी लोग एक विवाह समारोह में शामिल होकर अपने घरों को लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते गाड़ी सड़क से नीचे करीब 100 मीटर गहरी खाई में समा गई।
देर रात चला रेस्क्यू अभियान
खाई से चीख-पुकार की आवाजें सुनकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और आपदा कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी वड्डा के नेतृत्व में पुलिस बल, एसडीआरएफ (SDRF) पिथौरागढ़ की टीम और 108 एम्बुलेंस सेवा तत्काल घटना स्थल पर पहुंची।
पहाड़ी क्षेत्र और रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाई में उतरकर वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद चारों व्यक्तियों को वाहन से बाहर निकालकर सड़क मार्ग तक लाया गया।
हादसे में हताहतों का विवरण
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 22 वर्षीय लक्की भण्डारी, निवासी कॉटेबोरागांव, पिथौरागढ़ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वाहन में सवार तीन अन्य लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार है:
- जगदीश बिष्ट (40 वर्ष) – वाहन चालक
- मोहन सिंह (40 वर्ष)
- सचिन चन्द (22 वर्ष)
सभी घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायलों में से दो की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें भी मौके पर स्थिति का जायजा ले रही हैं। जनपद आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य में समन्वय और गति के कारण तीन लोगों की जान बचाई जा सकी।
पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा के सवाल
पिथौरागढ़ के दुर्गम क्षेत्रों में अक्सर रात के समय होने वाले ये हादसे सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की सतर्कता पर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कोहरे या सड़कों की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा वाहन में तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की किसी चूक की वजह से।
इस घटना के बाद से मृतक के गांव कॉटेबोरा में शोक की लहर दौड़ गई है। शादी की खुशियों के बीच हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर रात के समय वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
