हल्द्वानी हाई-प्रोफाइल केस: भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे 4 बाउंसरों के साथ हिरासत में, कड़ियों को खंगालने में जुटी पुलिस
हल्द्वानी/नैनीताल:उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के इस बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। नैनीताल पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने भवाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेश पांडे को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी पर आरोप है कि वह शादी का झांसा देकर न सिर्फ युवतियों का यौन शोषण करता था, बल्कि उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का एक संगठित रैकेट भी चला रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नरेश पांडे के साथ मौजूद उसके चार हथियारबंद बाउंसरों को भी अपनी कस्टडी में लिया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड के व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई है।
मंगलवार सुबह पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह तल्लीताल पुलिस की टीम ने एक गुप्त सूचना और दर्ज मुकदमे के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को दबोच लिया। जिस समय पुलिस ने नरेश पांडे को पकड़ा, उस समय वह अकेले नहीं था। उसके साथ काले कपड़ों में मुस्तैद चार भारी-भरकम और हथियारबंद बाउंसर भी मौजूद थे। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए नरेश पांडे के साथ-साथ उन चारों बाउंसरों को भी हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए सीधे थाने ले आई।
क्या हैं आरोपी नरेश पांडे पर आरोप?
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में एक युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि नरेश पांडे ने उसे शादी का झांसा दिया और लंबे समय तक उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से उत्पीड़न किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि नरेश पांडे का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि वह भोली-भाली महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाता था, उनके साथ संबंध बनाता था और फिर उनकी वीडियो या तस्वीरें खींचकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देता था।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी का बड़ा खुलासा: चल रहा था संगठित रैकेट
इस पूरे मामले पर नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजूनाथ टीसी ने विस्तार से जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह मामला सिर्फ एक युवती के उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा और संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया:
”तल्लीताल कोतवाली में एक युवती ने तहरीर दी थी कि एक व्यक्ति उसका शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहा है, जिसके ऊपर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया।”
एसएसपी ने आगे चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा:
”पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली गोपनीय जानकारी से पता चला है कि यह व्यक्ति (नरेश पांडे) कुछ महिलाओं को आगे करता था। यह महिलाओं के जरिए अन्य लड़कों को अपने जाल में फंसाता था और उनके संबंध बनवाता था। इसके बाद चोरी-छिपे उनका वीडियो बना लिया जाता था। वीडियो बनाने के बाद आरोपी नरेश पांडे उन लड़कों और उनके संभ्रांत परिवारों को मोटी रकम के लिए ब्लैकमेल करता था। यह पूरी प्रक्रिया एक संगठित रैकेट (Gang) की तरह चलाई जा रही थी।”
हथियारबंद बाउंसरों पर भी कसेगा कानूनी शिकंजा
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मंगलवार सुबह आरोपी को हिरासत में लेने के दौरान उसके पास से चार तथाकथित निजी सुरक्षाकर्मी यानी बाउंसर भी मिले हैं, जो अवैध तरीके से हथियारों के साथ उसके साथ घूम रहे थे।
पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इन चारों बाउंसरों के पास पीएसओ (Private Security Officer) या सिक्योरिटी गार्ड का वैध लाइसेंस है या नहीं। एसएसपी ने साफ लहजे में कहा कि बिना लाइसेंस के हथियार लेकर समाज में भय, खौफ और आतंक का माहौल पैदा करने के आरोप में इन चारों बाउंसरों के खिलाफ भी सुसंगत और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नेटवर्क में शामिल अन्य चेहरों की तलाश तेज
नैनीताल पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग कांड की हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी है। पुलिस टीम इस बात का पता लगा रही है कि इस रैकेट में नरेश पांडे के साथ और कौन-कौन से सफेदपोश या अन्य लोग शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस उन पीड़ित परिवारों और लड़कों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो लोक-लाज के डर से अब तक सामने नहीं आए और इस गैंग का शिकार बनकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी भी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या मिलीभगत सामने आती है, तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
