
चमोली। जनपद में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। मलारी हाईवे पर तमक नाला उफान पर आ गया, जिससे मोटर पुल बहकर नदी में समा गया। नतीजा—चीन सीमा से सटे नीती घाटी का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
गौरतलब है कि तीन दिन से बंद पड़ा यह हाईवे शनिवार को ही 56 घंटे बाद खुला था। लाता गांव के पास चट्टान खिसकने से बाधित मार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद दुरुस्त किया गया था। हाईवे खुलने पर नीती घाटी के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन रविवार को आई बाढ़ ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
इस समय नीती घाटी के गांवों में ग्रामीण अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना में जुटे हैं। बाहर से लौटे सैकड़ों लोग इस पर्व में शामिल होने पहुंचे थे। मगर हाईवे बंद होने से अब वे गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे। दूसरी ओर घाटी के भीतर फंसे लोगों को भी आपूर्ति व आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
👉 हमारे फ़ेसबुक पेज को लाइक/फॉलो करें







