अल्मोड़ा।उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के अंतर्गत आने वाले देघाट क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक भीषण ट्रैक्टर ट्रॉली एक्सीडेंट ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। चिंतोली गांव में हुए इस हृदयविदारक हादसे में दो स्थानीय युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस अल्मोड़ा हादसा की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अनियंत्रित होकर पलटा काल का पहिया
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को देघाट के चिंतोली गांव की एक संपर्क सड़क पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली सवारियों के साथ जा रही थी। वाहन में गांव के ही चार युवक सवार थे। अचानक एक तीखे मोड़ और ढलान पर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। जब तक चालक स्थिति को संभाल पाता, तब तक ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर ही अनियंत्रित होकर पलट गई। भारी-भरकम लोहे की ट्रॉली के नीचे चारों युवक बुरी तरह दब गए। मौके पर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
रेस्क्यू और पुलिस की कार्रवाई
हादसे की भयावहता को देखते हुए ग्राम प्रहरी चंदन सिंह ने तत्काल स्थानीय पुलिस को इस उत्तराखंड सड़क दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से भारी मलबे के नीचे फंसे युवकों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देघाट पहुँचाया गया।
अस्पताल में पसरा मातम
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने घायलों की जांच शुरू की, लेकिन दुर्भाग्यवश 24 वर्षीय दर्शन सिंह (पुत्र छोदाण सिंह) और 24 वर्षीय चंदन सिंह (पुत्र प्रेम सिंह) ने दम तोड़ दिया था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय गोपाल सिंह और 18 वर्षीय नरेंद्र सिंह की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
गांव में शोक और प्रशासनिक जांच
इस Tractor Trolley Tragedy के बाद पूरे चिंतोली गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। Deghat Chintoli News सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र के लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे अनियंत्रित होने का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस तकनीकी खामियों के एंगल से भी तफ्तीश कर रही है।
यह Uttarakhand Road Mishap एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भारी वाहनों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
