हल्द्वानी।उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लगातार बढ़ रहे तापमान और हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। जनपद के मैदानी क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी, अशासकीय और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों के समय (School Timings) में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब छात्र-छात्राओं को भीषण दोपहर में स्कूल से घर नहीं लौटना होगा। नई व्यवस्था के तहत स्कूल सुबह जल्दी खुलेंगे और दोपहर की तपिश शुरू होने से पहले ही बंद कर दिए जाएंगे।
किन क्षेत्रों में लागू होगी नई व्यवस्था?
जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल के निर्देशों के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम नैनीताल जिले के केवल मैदानी विकासखंडों में लागू होगा।
नोट: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल मैदानी क्षेत्रों के लिए है। नैनीताल जनपद के पर्वतीय (पहाड़ी) क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही संचालित होंगे।
क्या है स्कूलों का नया टाइम टेबल?
बढ़ते पारे को देखते हुए बच्चों को धूप से बचाने के लिए समय-सारणी में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs) और निजी स्कूल संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस नई समय-सारिणी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तापमान और बढ़ने तथा हीट वेव (लू) चलने की संभावना जताई है। दिन चढ़ने के साथ ही मैदानी इलाकों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका थी।
प्रशासन का मानना है कि दोपहर 12 बजे के बाद धूप बेहद तीखी हो जाती है। ऐसे में 11:30 बजे तक स्कूल बंद होने से बच्चे भीषण तपन और लू की चपेट में आने से बच सकेंगे। बच्चों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाना ही इस आदेश का मुख्य उद्देश्य है।
अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत
शिक्षा विभाग के इस कदम का स्थानीय अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने पुरजोर स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से दोपहर में स्कूल से घर लौटते समय बच्चे बेहाल हो जा रहे थे। सुबह के समय स्कूल संचालित होने से बच्चों को पढ़ाई करने में भी आसानी होगी और वे बीमार होने से बच सकेंगे।